दिल्ली पुलिस ने नकली बेयरिंग रैकेट का भंडाफोड़ किया, 5,000 से ज़्यादा नकली यूनिट बरामद कीं

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  onikamaheshwari | Date 18-05-2026
Delhi Police busts counterfeit bearings racket, recovers over 5,000 fake units
Delhi Police busts counterfeit bearings racket, recovers over 5,000 fake units

 

नई दिल्ली 
 
दिल्ली पुलिस की एंटी-रॉबरी एंड स्नैचिंग सेल (ARSC) ने फर्श खाना इलाके में दो अवैध वर्कशॉप पर छापा मारकर नकली सामान बनाने वाले एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया है। अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी सस्ते आयातित बेयरिंग पर HCH और NBC जैसी जानी-मानी मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों के नकली ट्रेडमार्क उकेरते थे और फिर उन्हें असली बताकर बाज़ार में बेचते थे। इस ऑपरेशन के दौरान, पुलिस टीम ने 5,067 नकली और डुप्लीकेट बेयरिंग बरामद किए। इसके अलावा, मौके से चार स्टैंपिंग और एनग्रेविंग मशीनें, एक पैकिंग मशीन और प्रिंटिंग व पैकेजिंग में इस्तेमाल होने वाला भारी मात्रा में कच्चा माल भी ज़ब्त किया गया।
 
पुलिस ने बताया कि ये नकली उत्पाद दिल्ली और उसके आस-पास के इलाकों के अलग-अलग बाज़ारों में सक्रिय रूप से सप्लाई किए जा रहे थे, जिससे उपभोक्ताओं और असली ब्रांडों, दोनों को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा था। इस मामले में अभी और जानकारी का इंतज़ार है। एक अलग घटना में, दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की साइबर सेल ने इमिग्रेशन धोखाधड़ी करने वाले एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया है। यह रैकेट लोगों को कनाडा का वीज़ा और वर्क परमिट दिलाने के बहाने ठगता था। छापे के दौरान, पुलिस ने एक इमिग्रेशन कंसल्टेंट को गिरफ्तार किया, जिस पर एक महिला से ₹1.83 करोड़ की ठगी करने का आरोप है।
 
क्राइम ब्रांच के अनुसार, आरोपी ने पीड़ित महिला को कनाडा में बसने, वर्क परमिट दिलाने और बिज़नेस में हिस्सेदारी दिलाने का वादा करके अपने जाल में फंसाया था। आरोप है कि उसने महिला से कहा था कि वह उसे कनाडा में हमेशा के लिए बसने में मदद करेगा। पुलिस की जांच में पता चला कि बार-बार वीज़ा रिजेक्ट होने के बावजूद, आरोपी महिला को झूठे दिलासे देता रहा और कई किस्तों में उससे मोटी रकम वसूलता रहा। उस पर यह भी आरोप है कि उसने अलग-अलग बैंक ट्रांज़ैक्शन और कैश निकालने के ज़रिए उस रकम को कहीं और भेज दिया।
 
साइबर सेल ने टेक्निकल सर्विलांस और बैंक ट्रांज़ैक्शन की जांच के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार किया। पुलिस अब इस रैकेट से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इसी तरह से कितने और लोगों को ठगा गया होगा।