सुवर्णा राज दिल्ली में दिव्यांगजन राज्य आयुक्त नियुक्त

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  onikamaheshwari | Date 23-10-2026
Delhi LG appoints Paralympian and Asian Para Games 2026 Gold Medalist Suvarna Raj as State Commissioner for Persons with Disabilities
Delhi LG appoints Paralympian and Asian Para Games 2026 Gold Medalist Suvarna Raj as State Commissioner for Persons with Disabilities

 

नई दिल्ली 
 
दिल्ली के उपराज्यपाल (LG) ने 'दिव्यांग व्यक्तियों के लिए राज्य आयुक्त' (State Commissioner for Persons with Disabilities) के पद के लिए सुवर्णा राज के चयन को अंतिम रूप दे दिया है। सुवर्णा राज एक बेहतरीन पैरा-एथलीट हैं और उन्होंने एशियाई पैरा गेम्स 2026 में स्वर्ण पदक जीता है। यह चयन 'खोज एवं चयन समिति' (Search-cum-Selection Committee) द्वारा अनुशंसित तीन उम्मीदवारों के पैनल में से किया गया है। उपराज्यपाल ने समिति की बैठक के कार्यवृत्त (minutes) और संबंधित उम्मीदवारों के रिकॉर्ड की समीक्षा करने के बाद यह निर्णय लिया।
 
'दिल्ली दिव्यांग अधिकार नियम, 2018' (Delhi Rights of Persons with Disabilities Rules, 2018) के नियम 42(3) के तहत गठित इस 'खोज एवं चयन समिति' के प्रमुख मुख्य सचिव होते हैं। इसके सदस्यों में अतिरिक्त मुख्य सचिव (समाज कल्याण), प्रधान सचिव (शिक्षा), संभागीय आयुक्त (राजस्व) और सचिव (स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण) शामिल हैं। पिछले राज्य आयुक्त का कार्यकाल पूरा होने के बाद से यह पद खाली था। इससे पहले 2024 में शुरू की गई चयन प्रक्रिया किसी उम्मीदवार के चयन के बिना ही समाप्त हो गई थी।
 
जुलाई 2026 में, हिंदी, अंग्रेजी और अन्य क्षेत्रीय भाषाओं के राष्ट्रीय और राज्य-स्तरीय समाचार पत्रों में एक खुले विज्ञापन के माध्यम से इस पद के लिए नए आवेदन आमंत्रित किए गए थे। इसके जवाब में, समाज कल्याण विभाग को तय समय सीमा के भीतर 18 आवेदन प्राप्त हुए। एक 'आंतरिक जांच समिति' (Internal Scrutiny Committee) ने विज्ञापन में दी गई पात्रता शर्तों, योग्यताओं, अनुभव और अन्य मानदंडों के आधार पर सभी आवेदनों की जांच की। एक विज्ञप्ति के अनुसार, समिति ने 15 उम्मीदवारों को आगे के विचार के लिए योग्य पाया।
 
समिति की बैठक 20 अगस्त 2026 को हुई, जिसमें उपस्थित 13 योग्य उम्मीदवारों के साथ अलग-अलग बातचीत की गई। समिति ने उनकी योग्यताओं, पेशेवर अनुभव, दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकारों और कल्याण से जुड़े मामलों की समझ, प्रशासनिक अनुभव, पद के लिए उपयुक्तता और अन्य संबंधित पहलुओं के आधार पर उनका मूल्यांकन किया। विस्तृत विचार-विमर्श के बाद, समिति ने सर्वसम्मति से तीन उपयुक्त उम्मीदवारों का एक पैनल उपराज्यपाल को सौंपा। यह प्रक्रिया 'दिल्ली नियमों' के नियम 42(2) और 42(5) के अनुसार पूरी की गई। समिति ने यह भी स्पष्ट किया कि चयन प्रक्रिया लागू कानूनी प्रावधानों, निर्धारित पात्रता मानदंडों और विज्ञापन की शर्तों के अनुसार ही संचालित की गई थी। 'दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016' की धारा 79 के तहत, राज्य सरकार द्वारा 'दिव्यांगजनों के लिए राज्य आयुक्त' की नियुक्ति का प्रावधान है। 
 
'दिल्ली दिव्यांगजन अधिकार नियम, 2018' - जो इस पद के लिए योग्यता, अनुभव, नियुक्ति की प्रक्रिया और अन्य शर्तों को भी निर्धारित करते हैं - के अनुसार, राज्य आयुक्त की नियुक्ति पूर्णकालिक आधार पर की जाती है। इनका कार्यकाल पदभार ग्रहण करने की तिथि से तीन वर्ष, या 65 वर्ष की आयु पूरी होने तक (जो भी पहले हो) होता है, जो कि इन नियमों के अंतर्गत अनुमत अधिकतम कार्यकाल के अधीन है।