Delhi Government approves two new heritage schemes under 'Our Monuments, Our Pride', private companies to 'adopt' monuments
नई दिल्ली
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को 'हमारे स्मारक, हमारा गौरव' (Our Monuments, Our Pride) के तहत दो नई हेरिटेज संरक्षण योजनाओं की शुरुआत की घोषणा की। इन योजनाओं के तहत प्राइवेट संस्थान स्मारकों को गोद ले सकेंगे और उनके जीर्णोद्धार (restoration) के लिए 2 करोड़ रुपये तक की आर्थिक सहायता प्राप्त कर सकेंगे। इस पहल का उद्देश्य जन-भागीदारी के माध्यम से संरक्षण और पर्यटन को बढ़ावा देना है। X पर एक पोस्ट में, मुख्यमंत्री गुप्ता ने कहा कि दिल्ली को हर पीढ़ी ने अपने अनोखे तरीके से अनुभव किया है; कुछ लोगों ने किताबों के माध्यम से इसके स्मारकों के बारे में जाना है, तो कुछ ने उन्हें प्रत्यक्ष रूप से देखा है।
दिल्ली की मुख्यमंत्री ने X पर लिखा, "दिल्ली की हर पीढ़ी ने इस शहर को अपने तरीके से जिया है। कुछ लोगों ने इन स्मारकों के बारे में किताबों में पढ़ा है, तो कुछ ने इन्हें करीब से देखा है। अब समय आ गया है कि इस विरासत को और संवारा जाए और अगली पीढ़ी को सौंपा जाए। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के 'विकास के साथ-साथ विरासत' (Development as well as Heritage) के विजन को आगे बढ़ाते हुए, दिल्ली सरकार ने 'हमारे स्मारक, हमारा गौरव' अभियान के तहत दो नई योजनाओं को मंजूरी दी है।"
उन्होंने आगे कहा, "अब, प्राइवेट कंपनियां, PSU, ट्रस्ट और NGO दिल्ली के 75 ऐतिहासिक स्मारकों को 5 साल के लिए 'मोन्यूमेंट फ्रेंड्स' (Monument Friends) के रूप में गोद ले सकेंगे। साथ ही, पात्र संस्थानों को स्मारकों के मुख्य संरक्षण और जीर्णोद्धार के लिए 2 करोड़ रुपये तक की सहायता दी जाएगी। जन-भागीदारी के माध्यम से, दिल्ली की विरासत को नई पहचान और गौरव के साथ जीवंत सांस्कृतिक और पर्यटन केंद्रों के रूप में विकसित किया जाएगा।"
मुख्यमंत्री कार्यालय ने बताया कि यह घोषणा दिल्ली कैबिनेट द्वारा एक प्रस्ताव पारित किए जाने के बाद की गई है, जिसके तहत NGO सहित प्राइवेट संगठन दिल्ली के 75 स्मारकों को गोद लेंगे।
इस पहल के तहत, संरक्षण और रखरखाव के उद्देश्यों के लिए इन स्मारकों को ट्रस्ट, NGO, फाउंडेशन और संस्थानों को सौंपने की एक योजना भी शुरू की जाएगी। इससे पहले, केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय ने "एडॉप्ट ए हेरिटेज: अपनी धरोहर, अपनी पहचान" (Adopt a Heritage: Apni Dharohar, Apni Pehchaan) परियोजना भी शुरू की थी। यह परियोजना पर्यटन मंत्रालय, संस्कृति मंत्रालय, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) और राज्य व केंद्र शासित प्रदेश की सरकारों का एक संयुक्त प्रयास है, जिसका उद्देश्य पूरे भारत में विरासत और पर्यटन स्थलों पर पर्यटन सुविधाएं विकसित करना है।