दिल्ली सरकार ने सर्दियों में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए योजना की घोषणा की

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 19-06-2026
Delhi government announces plan to tackle air pollution in winter
Delhi government announces plan to tackle air pollution in winter

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली 

 
दिल्ली सरकार ने शुक्रवार को ‘प्रोएक्टिव विंटर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट फ्रेमवर्क’ अधिसूचित कर दिया, जिसके तहत राष्ट्रीय राजधानी के बाहर पंजीकृत गैर बीएस-6 वाणिज्यिक वाहनों को नवंबर से लेकर जनवरी तक शहर में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक बयान में कहा कि अधिसूचित मसौदे के तहत दिल्ली के पेट्रोल पंप पर केवल वही वाहन ईंधन खरीद सकेंगे, जिनके पास वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (पीयूसीसी) होगा।
 
हालांकि, यह तुरंत स्पष्ट नहीं हो सका है कि ईंधन खरीद पर ये प्रतिबंध कितने समय तक लागू रहेंगे।
 
बयान के मुताबिक, दिल्ली के बाहर पंजीकृत गैर बीएस-6 वाणिज्यिक वाहनों को एक नवंबर 2026 से 31 जनवरी 2027 के बीच राष्ट्रीय राजधानी में प्रवेश करने की इजाजत नहीं होगी।
 
हालांकि, मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सीएनजी वाहनों, इलेक्ट्रिक वाहनों, आपातकालीन सेवा वाहनों और सरकारी काम में लगे वाहनों को इस प्रतिबंध से छूट दी जाएगी।
 
गुप्ता ने कहा कि सर्दियों के दौरान वायु गुणवत्ता में सुधार लाने और निजी वाहनों के अत्यधिक इस्तेमाल को हतोत्साहित करने के लिए अधिकृत पार्किंग स्थलों पर एक नवंबर 2026 से 28 फरवरी 2027 तक शुल्क दोगुना कर दिया जाएगा।
 
बयान के अनुसार, आवश्यकता पड़ने पर कार्यालयों के समय में बदलाव और सरकारी-निजी दफ्तरों में 50 फीसदी तक भौतिक उपस्थिति की व्यवस्था लागू की जा सकेगी।
 
दिल्ली सरकार ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “एक नवंबर से 31 जनवरी तक निर्माण और ध्वस्तीकरण कार्यों में धूल नियंत्रण से जुड़े नियमों का सख्ती से पालन करना होगा। 10 दिसंबर से 20 जनवरी के बीच आवश्यकता पड़ने पर निर्माण कार्यों पर अतिरिक्त प्रतिबंध लगाए जा सकेंगे।”
 
गुप्ता ने कहा, “बड़े निर्माण स्थलों और बड़ी इमारतों पर ‘एंटी-स्मॉग गन’ और ‘मिस्ट सप्रेशन सिस्टम’ लगाना अनिवार्य होगा। खुले में कचरा या अन्य सामग्री जलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसकी निगरानी के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया जाएगा।”
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन प्रतिबंधों और व्यवस्थाओं की जानकारी सर्दियों की शुरुआत से महीनों पहले इसलिए दी जा रही है, ताकि लोगों को बाद में किसी असुविधा का सामना न करना पड़े।