संजय आज़ाद मामला: दिल्ली कोर्ट ने पुलिस से मांगी ATR

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  onikamaheshwari | Date 23-09-2026
Delhi court seeks ATR from police on complaint seeking FIR against Sanjay Azad
Delhi court seeks ATR from police on complaint seeking FIR against Sanjay Azad

 

नई दिल्ली
 
पटियाला हाउस कोर्ट ने बुधवार को दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया और संजय आज़ाद और एक नाबालिग लड़की के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग वाली शिकायत पर 'की गई कार्रवाई की रिपोर्ट' (ATR) मांगी। अमिता सचदेवा द्वारा दायर इस शिकायत में X (पहले ट्विटर) पर हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियों और आपत्तिजनक भाषा के इस्तेमाल को लेकर FIR दर्ज करने की मांग की गई है।
 
चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (CJM) मृदुल गुप्ता ने नोटिस जारी किया और पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन के SHO से ATR मांगी। मामले की सुनवाई जनवरी 2027 में होगी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि दोनों आरोपी व्यक्तियों ने मिलकर और मिलीभगत से नाबालिग के X हैंडल के ज़रिए हिंदू देवी-देवताओं का अपमान किया। शिकायत के अनुसार, X हैंडल से जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण पोस्ट किए गए, जिनमें भगवान शिव, भगवान श्री कृष्ण, माँ सरस्वती और माँ दुर्गा का अपमान किया गया; हिंदू देवताओं को काल्पनिक बताया गया; हिंदू धार्मिक ग्रंथों को उड़ाने की बात कही गई; हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई गई और धर्म के आधार पर अशांति फैलाई गई।
 
शिकायतकर्ता ने कहा है कि 3-4 सितंबर, 2026 के आसपास या उसके बाद, जब वह भारत के सुप्रीम कोर्ट या सुप्रीम कोर्ट परिसर में अपने चैंबर में थीं, तब उन्होंने नाबालिग लड़की के पोस्ट देखे। उन्होंने आरोप लगाया कि ये पोस्ट अभी भी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध हैं। आरोप है कि उसी अकाउंट से किए गए आपत्तिजनक पोस्ट लगातार किए गए गलत व्यवहार का हिस्सा हैं।
 
शिकायत में 9 अप्रैल के X पोस्ट का ज़िक्र है, जिसमें कथित तौर पर देवी दुर्गा का अपमान किया गया था। एक अन्य पोस्ट में कथित तौर पर माँ सरस्वती का मज़ाक उड़ाया गया था; इसमें कहा गया था कि जब महिलाओं को पढ़ने की इजाज़त नहीं थी, तब देवी सरस्वती ने कॉलेज से PhD की डिग्री हासिल की थी। शिकायत में उल्लिखित एक और पोस्ट 8 सितंबर, 2023 का है। इसमें कथित तौर पर कहा गया था कि कृष्ण जन्माष्टमी का व्रत रखने वाली महिलाओं ने बाबासाहेब द्वारा दिए गए अधिकारों को 'गोबर' में बदल दिया है; साथ ही भगवान श्री कृष्ण की तस्वीर का इस्तेमाल करते हुए एक कोलाज भी पोस्ट किया गया था।
 
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि वीडियो में भगवान शिव की पूजा का मज़ाक उड़ाया गया और भक्तों को अंधविश्वासी बताया गया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि ये पोस्ट हिंदू देवी-देवताओं, हिंदू धर्मग्रंथों और हिंदू धार्मिक मान्यताओं का मज़ाक उड़ाने और उन्हें नीचा दिखाने, तथा सांप्रदायिक अशांति फैलाने के एक सुनियोजित एजेंडे को दर्शाते हैं। यह भी आरोप है कि यह कंटेंट उसी पब्लिक X अकाउंट से पब्लिश किया गया था, जिसे नाबालिग और संजय आज़ाद मिलकर या एक-दूसरे के साथ मिलकर चलाते और इस्तेमाल करते हैं।
 
शिकायत में कहा गया है कि 2023 से 2026 के बीच लगातार किए गए पोस्ट - जिनमें कथित तौर पर माँ सरस्वती, माँ दुर्गा, भगवान श्री कृष्ण और भगवान शिव का अपमान किया गया, हिंदू देवी-देवताओं को काल्पनिक बताया गया और हिंदू धार्मिक ग्रंथों को उड़ाने की बात कही गई - यह दिखाते हैं कि दोनों आरोपियों ने बार-बार हिंदू-विरोधी और सांप्रदायिक रूप से भड़काने वाला कंटेंट फैलाया। इसमें यह भी कहा गया है कि नोटिस मिलने के बावजूद, किसी भी आरोपी ने पोस्ट डिलीट नहीं किए और वे अभी भी उसी अकाउंट का इस्तेमाल कर रहे हैं।