CBI's plea challenging bail granted to former NSE chief Chitra Ramakrishna dismissed
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
दिल्ली उच्च न्यायालय ने बुधवार को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) की पूर्व प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) चित्रा रामकृष्ण को एनएसई कर्मचारियों के कथित अवैध ‘फोन टैपिंग’ से जुड़े मामले में मिली जमानत को चुनौती देने वाली केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की याचिका खारिज कर दी।
न्यायमूर्ति मधु जैन ने इस मामले में उन्हें राहत देने के निचली अदालत के 22 दिसंबर, 2022 के आदेश के खिलाफ सीबीआई की याचिका खारिज कर दी।
फैसले की विस्तृत प्रति का इंतजार है।
सीबीआई की प्राथमिकी के अनुसार, रामकृष्ण समेत एनएसई के शीर्ष अधिकारियों ने कथित तौर पर आईसेक प्राइवेट लिमिटेड के साथ मिलकर एनएसई और उसके कर्मचारियों को धोखा देने की साजिश रची थी।
प्राथमिकी के मुताबिक, इसी आपराधिक साजिश के तहत एनएसई कर्मचारियों के फोन पर अवैध रूप से निगरानी करने के लिए कंपनी को काम पर रखा गया था।