प्रश्नपत्र लीक को लेकर अदालतों को ‘फास्ट-ट्रैक’ घोषित करना पर्याप्त नहीं: कांग्रेस

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 31-07-2026
Declaring courts 'fast-track' on question paper leak not enough: Congress
Declaring courts 'fast-track' on question paper leak not enough: Congress

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
कांग्रेस ने ओडिशा में स्नातकोत्तर परीक्षा के प्रश्नपत्र के कथित तौर पर व्हाट्सऐप पर प्रसारित होने की घटना का हवाला देते हुए शुक्रवार को नरेन्द्र मोदी सरकार पर निशाना साधा और कहा कि प्रश्नपत्र लीक के मामलों में केवल कड़ी सजा का प्रावधान करना या अदालतों को ‘फास्ट-ट्रैक’ घोषित करना पर्याप्त नहीं है।

पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में व्यावसायीकरण और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर ‘‘व्यापक और ईमानदार संवाद’’ की जरूरत है।
 
रमेश ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि वर्ष 2024 में भी कांग्रेस का यही रुख था और अब 2026 में भी उसका लगातार यही कहना है कि प्रश्नपत्र लीक की समस्या से निपटने के लिए केवल कड़ी सजा का प्रावधान करना या विशेष अदालतों को ‘फास्ट-ट्रैक’ बनाना पर्याप्त नहीं है।
 
कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री अपने रील बनाने के कौशल को निखारने में लगे हैं और मोदी सरकार संसद के जरिये फास्ट-ट्रैक विशेष अदालतों पर दिखावे वाला कानून जल्दबाजी में पारित कर रही है, वहीं एक और प्रश्नपत्र लीक होने की खबर सामने आई है, इस बार पूर्व शिक्षा मंत्री प्रधान के गृह राज्य ओडिशा से।’’
 
उन्होंने दावा किया कि ओडिशा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय की स्नातकोत्तर परीक्षा का प्रश्नपत्र 27 जुलाई को परीक्षा जारी रहने के दौरान ही व्हाट्सऐप पर प्रसारित होता पाया गया।
 
रमेश ने कहा कि पार्टी का लगातार यह रुख रहा है कि प्रश्नपत्र लीक के लिए केवल सजा बढ़ाने और अदालतों को ‘फास्ट-ट्रैक’ करने से समस्या का समाधान नहीं होगा।
 
उन्होंने कहा, ‘‘हमें अपनी शिक्षा व्यवस्था के व्यावसायीकरण और भ्रष्टाचार पर बड़ी, अधिक ईमानदार बातचीत करने की जरूरत है। यही छात्र आंदोलन की भावना थी, जिसका मोदी सरकार को सम्मान करना चाहिए।’’