कोलकाता (पश्चिम बंगाल)
कोलकाता पुलिस के अनुसार, कोलकाता के ताराताला इलाके में बन रहे एक गोदाम शेड के गिरने से मरने वालों की संख्या बढ़कर 8 हो गई है और 20 लोग घायल हुए हैं। यह घटना बुधवार को ब्रेस ब्रिज के पास एक प्राइवेट गोदाम में हुई, जो अभी बन ही रहा था। इसके बाद कई एजेंसियों ने मिलकर बड़े पैमाने पर बचाव अभियान चलाया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कोलकाता के ताराताला इलाके में बन रहे गोदाम शेड के गिरने से मारे गए आठ लोगों के परिवारों के लिए 2-2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि (ex-gratia) की घोषणा की। PMO के अनुसार, इस हादसे में घायल हुए 20 लोगों को केंद्र सरकार की ओर से 50,000 रुपये मिलेंगे।
इस बीच, इस घटना के सिलसिले में तीन लोगों - बिल्डिंग सुपरवाइज़र सैयद मोहम्मद गुलज़ार और दो लेबर सप्लायर, मोहम्मद अताउल और सुभाष चौधरी - को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद पश्चिम बंगाल सरकार ने मामले की जांच के लिए असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ़ पुलिस जॉयसूर्या मुखर्जी की अध्यक्षता में एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन किया।
पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष ने आरोप लगाया है कि इस घटना में "बड़े राजनीतिक नाम" शामिल हो सकते हैं। घोष ने पत्रकारों से कहा, "भ्रष्टाचार की जांच की जाएगी और दोषियों को सज़ा दी जाएगी। हमारी सरकार ने यह काम शुरू कर दिया है; किसी को बख्शा नहीं जाएगा। सिर्फ़ चार लोग ही नहीं, बल्कि इस घटना से जुड़े अन्य बड़े राजनीतिक नाम भी हो सकते हैं। सब कुछ सामने आ जाएगा।"
पश्चिम बंगाल के स्वास्थ्य मंत्री शरद्वत मुखर्जी ने कहा था कि साइट पर काम करने वाले 90-95 प्रतिशत मज़दूर बिहार से थे और वे सिर्फ़ दो-तीन दिन पहले ही कोलकाता आए थे।
अधिकारी ने पहले कहा था कि शुरुआती जानकारी से पता चलता है कि मंज़ूर किए गए निर्माण प्लान में गड़बड़ी थी।
अधिकारी ने कहा था, "प्रोजेक्ट प्लान को 17 जनवरी, 2026 को मंज़ूरी दी गई थी। ज़मीन का मालिक SMPA है और शंभूनाथ बेहरा और उनके पार्टनर के नाम पर ज़मीन की लीज़ है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, शुरू में ही गलत प्लान को मंज़ूरी दे दी गई थी।"