आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
केरल के स्वास्थ्य मंत्री के मुरलीधरन ने कहा है कि राज्य में शिगेला संक्रमण के मामलों को छोड़कर संक्रामक रोगों के मामलों में पिछले वर्षों की तुलना में वृद्धि नहीं हुई है।
मंत्री ने सार्वजनिक स्वास्थ्य स्थिति के बिगड़ने संबंधी आशंकाओं को खारिज करते हुए आधिकारिक आंकड़ों का हवाला दिया।
बुधवार शाम मंत्री के कार्यालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि पिछले 10 वर्षों के रोग निगरानी आंकड़ों की समीक्षा से पता चला है कि वर्ष 2026 में डेंगू, लेप्टोस्पायरोसिस, हेपेटाइटिस-ए और मलेरिया के दर्ज मामलों की संख्या पिछले वर्षों में दर्ज उच्चतम स्तरों की तुलना में कम रही है।
यह स्पष्टीकरण ऐसे समय में आया है जब कुछ दिन पहले केरल विधानसभा में संक्रामक रोगों के प्रसार को लेकर सत्तारूढ़ संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) और विपक्षी वाम लोकतान्त्रिक मोर्चा (एलडीएफ) के बीच तीखी नोकझोंक हुई थी।
विपक्ष ने राज्य की सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था में गिरावट आने का आरोप लगाया था और उसका स्थगन प्रस्ताव खारिज किए जाने के बाद सदन से बहिर्गमन किया था।
के मुरलीधरन के अनुसार, शिगेला ही एकमात्र प्रमुख संक्रामक रोग है जिसके मामलों ने वर्ष 2026 में अब तक का सर्वाधिक स्तर दर्ज किया है।