Current climate commitments insufficient to substantially cut emissions by 2035: UN report
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देश यदि अपनी मौजूदा जलवायु प्रतिबद्धताओं को लागू करते हैं, तो 2035 तक वैश्विक हरित गैस (जीएचजी) उत्सर्जन में 2019 के स्तर से केवल छह प्रतिशत की गिरावट आने की उम्मीद है। मंगलवार को जारी वैश्विक संस्था की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इसका मतलब यह है कि वैश्विक तापमान को सीमित करने के लिए उत्सर्जन में जितनी कटौती की जरूरत है, उसके मुकाबले यह काफी कम है।
जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन (यूएनएफसीसी) की ‘2026 राष्ट्रीय लक्ष्य (एनडीसी) संकलन रिपोर्ट’ में कहा गया है कि अगर इन प्रतिबद्धताओं (जिन्हें एनडीसी कहा जाता है) को पूरी तरह से लागू कर दिया जाए -- जिसमें शर्तें भी शामिल हैं -- तो भी 2035 तक उत्सर्जन 2019 के स्तर से केवल नौ प्रतिशत कम रहने की संभावना है।
यह रिपोर्ट संयुक्त राष्ट्र की उस रिपोर्ट के कुछ दिनों बाद आई है, जिसमें बताया गया था कि 1.5 डिग्री सेल्सियस तापमान लक्ष्य अब पूरी तरह से पहुंच से बाहर हो गया है।
डेढ़ डिग्री सेल्सियस तापमान का लक्ष्य पेरिस समझौते का एक मुख्य उद्देश्य है, जिसका मकसद दीर्घकालिक ग्लोबल वार्मिंग को पूर्व-औद्योगिक स्तर से 1.5 डिग्री सेल्सियस ऊपर तक सीमित रखना है।