कालेश्वरम परियोजना पर अदालत का आदेश कांग्रेस सरकार के मुंह पर तमाचा: के टी रामा राव

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 22-04-2026
Court Order on Kaleshwaram Project a Slap in the Face for the Congress Government: K.T. Rama Rao
Court Order on Kaleshwaram Project a Slap in the Face for the Congress Government: K.T. Rama Rao

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के नेता के टी रामाराव ने बुधवार को कहा कि कालेश्वरम परियोजना में कथित अनियमितताओं के संबंध में पीसी घोष आयोग की रिपोर्ट के आधार पर पार्टी अध्यक्ष के. चंद्रशेखर राव और अन्य लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई न करने का उच्च न्यायालय का आदेश कांग्रेस सरकार के मुंह पर करारा तमाचा है।
 
उन्होंने एक बयान में कहा कि उच्च न्यायालय के इस आदेश ने सरकार की राजनीतिक साजिशों पर अंकुश लगा दिया है।
 
रामाराव ने कहा कि पिछले दो साल से कालेश्वरम परियोजना को निष्क्रिय रखने वाले मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी को क्षतिग्रस्त मेदिगड्डा बांध की मरम्मत करानी चाहिए और किसानों को सिंचाई सुविधाएं प्रदान करनी चाहिए।
 
बीआरएस कार्यकर्ताओं ने उच्च न्यायालय के आदेश का स्वागत करते हुए यहां पार्टी मुख्यालय में पटाखे फोड़े।
 
तेलंगाना में सत्तारूढ़ कांग्रेस की राज्य इकाई के अध्यक्ष बी. महेश कुमार गौड़ ने कहा कि उच्च न्यायालय ने परियोजना में कथित भ्रष्टाचार के लिए जिम्मेदार लोगों को क्लीन चिट नहीं दी है।
 
गौड़ ने दिल्ली में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि उच्च न्यायालय ने न तो आयोग की नियुक्ति और न ही उसकी रिपोर्ट में कोई त्रुटि पाई है।
 
उन्होंने कहा कि अदालत ने केवल रिपोर्ट में प्रक्रियात्मक खामियों की ओर इशारा किया है।
 
गौड़ ने यह भी कहा कि उच्च न्यायालय ने परियोजना के बांधों को हुए नुकसान के संबंध में राष्ट्रीय बांध सुरक्षा प्राधिकरण (एनडीएसए) और राज्य के सतर्कता एवं प्रवर्तन विंग की रिपोर्टों में भी कोई त्रुटि नहीं पाई है।