आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता आर. अशोक ने कांग्रेस पर निर्वाचन आयोग को निशाना बनाकर संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने का बुधवार को आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) को ‘‘सड़कों पर प्रदर्शन करके नहीं हटाया जा सकता।’’
कर्नाटक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अशोक ने यहां संवाददाताओं से कहा कि निर्वाचन आयोग जैसी संवैधानिक संस्थाओं पर सड़क पर प्रदर्शन करके सवाल नहीं उठाए जा सकते और न ही उनके पदाधिकारियों को इस तरह हटाया जा सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस इन संस्थाओं को तभी स्वीकार करती है, जब चुनाव परिणाम उसके पक्ष में होते हैं।
अशोक ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दिल्ली और अन्य स्थानों पर कांग्रेस के प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए कहा, ‘‘मुख्य निर्वाचन आयुक्त को हटाने के लिए नियम और प्रक्रियाएं हैं। उन्हें सड़कों पर प्रदर्शन करके नहीं हटाया जा सकता।’’
उन्होंने चित्रदुर्ग में भाजपा के ‘सेवा संकल्प’ कार्यक्रम में हिस्सा लेने के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘जब कांग्रेस भारी अंतर से जीतती है तो उसे निर्वाचन आयोग बहुत अच्छा लगता है, लेकिन जब वह हारती है तो आयोग को दोष देती है।’’
‘सेवा संकल्प’ कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के तौर पर प्रशासन प्रमुख के रूप में 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित किया गया था।
अशोक ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर निर्वाचन आयोग की कांग्रेस नेताओं द्वारा की जा रही आलोचना का उल्लेख करते हुए कहा कि संवैधानिक संस्थाओं के खिलाफ प्रदर्शन लोकतांत्रिक सिद्धांतों के विरुद्ध है।