आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि देश की विदेश नीति राष्ट्रहित और नागरिकों की सुरक्षा के आधार पर तय होनी चाहिए, न कि विपक्षी पार्टी की ‘‘पुरातन सोच’’ की मजबूरियों से।
अमित मालवीय और प्रदीप भंडारी समेत कई भाजपा नेताओं ने इस मुद्दे पर बात की और कांग्रेस को ‘‘भारत विरोधी’’ बताते हुए आरोप लगाया कि मुख्य विपक्षी पार्टी बांटने वाली राजनीति करती है। सत्ताधारी पार्टी ने कहा कि विपक्ष को सिर्फ अपने वोट बैंक से प्यार है, देश और लोगों से नहीं।
मालवीय ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘यहां तक कि चीन, जिसने सालों तक ईरान को कूटनीतिक तरीके से बचाया, छद्म आतंकी समूहों को उसकी ओर से मिलने वाले समर्थन को नजरअंदाज किया और उसका अधिकतर तेल खरीदा, वह भी अब तेहरान से दूरी बना रहा है।’’
भाजपा के आईटी विभाग के प्रमुख ने कहा, ‘‘फिर भी कांग्रेस चाहती है कि भारत आंख बंद करके ईरान का साथ दे, जबकि वह खाड़ी में अंधाधुंध गतिविधियां चलाता रहता है, जरूरी तेल आपूर्ति मार्गों को खतरा पहुंचाता है, और उस इलाके में तनाव बढ़ाता है जहां लाखों भारतीय रहते और काम करते हैं।’’
मालवीय ने कहा कि भारत की विदेश नीति ‘‘देश के हित और अपने नागरिकों की सुरक्षा से निर्देशित होनी चाहिए, न कि कांग्रेस की पुरानी पड़ चुकी सोच की मजबूरियों से।’’
श्रीलंका के तट के पास अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में एक अमेरिकी पनडुब्बी के एक ईरानी युद्धपोत को टॉरपीडो मारकर डुबोने के एक दिन बाद, कांग्रेस ने कहा कि यह चौंकाने वाला है कि मोदी सरकार की तरफ से कोई जवाब नहीं आया है। कांग्रेस ने दावा किया कि भारत सरकार पहले कभी इतनी ‘डरपोक और डरी हुई’ नहीं दिखी।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि पश्चिम एशिया का झगड़ा भारत की दहलीज तक पहुंच गया है लेकिन प्रधानमंत्री ने कुछ नहीं कहा।