यूपी में 150+ सीटों पर लड़ सकती है कांग्रेस

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  onikamaheshwari | Date 28-09-2026
Congress likely to contest over 150 seats in Uttar Pradesh, seat-sharing likely to be finalised by October
Congress likely to contest over 150 seats in Uttar Pradesh, seat-sharing likely to be finalised by October

 

नई दिल्ली
 
उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए कांग्रेस और उसके गठबंधन सहयोगियों के बीच सीट-शेयरिंग पर अक्टूबर में अंतिम फैसला होने की संभावना है। राज्य की सभी 403 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए कांग्रेस के पास उम्मीदवार मौजूद हैं। राज्य प्रभारी ने ज़ोर देकर कहा कि गठबंधन व्यवस्था के तहत पार्टी 150 से कम सीटों पर चुनाव नहीं लड़ेगी। 
 
गौतम ने कहा, "सीट-शेयरिंग पर अक्टूबर महीने में अंतिम फैसला होने की संभावना है। कांग्रेस के पास सभी 403 सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए उम्मीदवार मौजूद हैं। गठबंधन के तहत, कांग्रेस पार्टी 50 प्रतिशत सीटें पाने की हकदार है। कांग्रेस 150 से कम सीटों पर चुनाव नहीं लड़ेगी।" उन्होंने आगे कहा, "पिछले दो महीनों से कांग्रेस उत्तर प्रदेश में सीट-शेयरिंग पर काम कर रही है। राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, प्रियंका गांधी, केसी वेणुगोपाल और मैं (राजेंद्र पाल गौतम) इस काम को देख रहे हैं।"
 
उत्तर प्रदेश में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (SP) 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन के मुख्य घटक हैं। दोनों पार्टियों ने राज्य में गठबंधन सहयोगियों के तौर पर 2024 का लोकसभा चुनाव लड़ा था। इस बीच, भारतीय जनता पार्टी (BJP) आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी की रणनीति बनाने और अपनी संगठनात्मक तैयारियों को मज़बूत करने के लिए 3 और 4 अक्टूबर को मथुरा में दो दिवसीय संगठनात्मक बैठक करेगी।
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ब्रज क्षेत्र में अहम चर्चाओं की अध्यक्षता करेंगे, जिसमें पार्टी की चुनावी तैयारियों, संगठन को मज़बूत करने और विधानसभा चुनावों की रणनीति पर चर्चा होने की उम्मीद है।
 
इस बैठक में उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ बीजेपी नेता, जिनमें राज्य बीजेपी अध्यक्ष और अन्य प्रमुख नेता व पदाधिकारी शामिल हैं, हिस्सा लेंगे। क्षेत्र के वरिष्ठ पदाधिकारियों के भी चर्चाओं में शामिल होने की उम्मीद है। दो दिवसीय बैठक में ब्रज क्षेत्र में पार्टी की संगठनात्मक स्थिति, ज़मीनी स्तर पर तैयारियों और पार्टी के राज्य व क्षेत्रीय नेतृत्व के बीच तालमेल को और बेहतर बनाने के उपायों पर विस्तृत चर्चा होने की संभावना है।