आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
केरल में सोमवार को तिरुवनंतपुरम नगर निगम परिषद की बैठक के बाद हंगामे की स्थिति बन गई और कांग्रेस के नेतृत्व वाले सत्तारूढ़ संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) तथा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पार्षदों ने एक-दूसरे पर मारपीट के आरोप लगाए।
हाल में महापौर वीवी राजेश के चैंबर के बाहर हुई झड़पों के मद्देनजर बैठक शुरू होने से पहले ही माहौल तनावपूर्ण था। इन झड़पों में वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) और भाजपा के कई पार्षद घायल हो गए थे।
भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ने दिसंबर 2025 में तिरुवनंतपुरम नगर निगम की सत्ता संभाली थी। राजग ने 101 सीट में से 50 पर जीत दर्ज कर तिरुवनंतपुरम नगर निगम पर एलडीएफ के 45 साल के शासन का अंत किया था।
बैठक के दौरान यूडीएफ ने अविश्वास प्रस्ताव लाने की योजना बनाई थी। हालांकि, एलडीएफ की ओर से यह स्पष्ट कर दिए जाने के बाद कि वह प्रस्ताव का समर्थन नहीं करेगा, यूडीएफ ने ऐसा नहीं किया।
परिषद की बैठक से पहले एलडीएफ और यूडीएफ दोनों ने नगर निगम कार्यालय के सामने अलग-अलग विरोध-प्रदर्शन किए।
महापौर के चैंबर के बाहर हुई झड़पों में घायल एलडीएफ पार्षद अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद बैठक में शामिल हुए।