आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
सरकार ने बुधवार को कहा कि कोचिंग संस्थानों द्वारा दिए जाने वाले विभिन्न भ्रामक विज्ञापनों पर उन्हें नोटिस दिए जाते हैं और जुर्माना लगाया जाता है।
उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रह्लाद जोशी ने लोकसभा में प्रश्नकाल में कहा कि भ्रामक विज्ञापनों और अन्य धोखेबाजी वाली गतिविधियों के मामले में कोचिंग कक्षाओं को बहुत नोटिस दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि यूपीएससी समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में वरीयता प्राप्त करने वाले छात्रों की तस्वीरों का इस्तेमाल कई कोचिंग संस्थान एक साथ करते हैं।
जोशी ने कहा, ‘‘हमने उन्हें नोटिस दिए हैं। उन पर जुर्माना लगाया जाता है और इस बारे में सूचना प्रकाशित भी की जाती है जिससे संस्थानों की साख पर सवाल खड़ा होता है और उन्हें विनियमित करने में मदद मिलती है। ऐसे मामलों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।’’
वह आरएसपी के सदस्य एन के प्रेमचंद्रन के पूरक प्रश्नों का उत्तर दे रहे थे जिन्होंने उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986 में समय के अनुसार आमूल-चूल बदलाव की जरूरत बताते हुए कोचिंग संस्थानों द्वारा भ्रामक विज्ञापन दिए जाने और बढ़ा-चढ़ाकर सफलता के दावे किये जाने का मुद्दा उठाया और सरकार से उनके विरुद्ध की गई कार्रवाई के बारे में पूछा।