बंगाल हिंसा पर CM बोलीं- जांच के बाद कार्रवाई

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 15-05-2026
CM said on Bengal violence – action after investigation
CM said on Bengal violence – action after investigation

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली 

 
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को कहा कि विपक्षी तृणमूल कांग्रेस द्वारा चुनाव बाद हिंसा के जो आरोप लगाए जा रहे हैं, उनके बारे में सरकार के पास कोई जानकारी नहीं है और इस बात पर बल दिया कि ऐसे आरोपों के सही तरीके से सत्यापन के बाद ही कार्रवाई होगी।
 
दरअसल, वह पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शोभनदेव चट्टोपाध्याय द्वारा चुनाव बाद हुई हिंसा के आरोपों का जवाब दे रहे थे।
 
नवगठित विधानसभा के पहले सत्र के दौरान चट्टोपाध्याय ने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनावों के बाद राज्यभर में हिंसा के कारण कई लोगों को अपने घर छोड़कर भागना पड़ा।
 
तृणमूल के विधायक ने सदन में कहा, ‘‘कई जगहों पर हिंसा हो रही है। बहुत से लोग बेघर हो गए हैं। सरकार को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।’’
 
इसके जवाब में अधिकारी ने कहा, ‘‘हमें ऐसी किसी घटना की जानकारी नहीं है। अगर कोई बेघर हुआ तो पुलिस और प्रशासन उनकी वापसी कराएंगे।’’
 
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि हिंसा में शामिल लोगों को बख्शा नहीं जाएगा और सभी वास्तविक मामलों में कानून अपना काम करेगा।
 
सदन में उस समय हंगामा खड़ा हो गया जब भाजपा विधायकों ने ‘‘चोर चोर’’ के नारे लगाए, जिसके बाद तृणमूल ने कुछ देर के लिए सदन से वॉकआउट कर दिया।
 
तृणमूल के सदस्य विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव के दौरान भी सदन से अनुपस्थित रहे, हालांकि बाद में वापस लौट आए।
 
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक रथिंद्र बोस निर्विरोध रूप से पश्चिम बंगाल विधानसभा के अध्यक्ष निर्वाचित हुए। इसके साथ ही वह राज्य के उत्तरी हिस्से से इस पद तक पहुंचने वाले पहले विधायक बन गए।
 
विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव के बाद अधिकारी ने कहा कि राज्य विधानसभा की कार्यवाही का सीधा प्रसारण किया जाएगा ताकि आम लोग जान सकें कि सदन के भीतर क्या हो रहा है।
 
विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव के बाद नवगठित 18वीं पश्चिम बंगाल विधानसभा को संबोधित करते हुए अधिकारी ने कहा कि यह सदन ‘‘जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने’’ में अहम भूमिका निभाएगा और संवैधानिक सिद्धांतों तथा स्थापित नियमों के अनुसार काम करेगा।
 
उन्होंने कहा, ‘‘हम संविधान को ध्यान में रखकर विधानसभा की कार्यवाही को आगे बढ़ाएंगे।’’
 
सदन में ‘‘मजबूत और सकारात्मक विपक्ष’’ की जरूरत पर बल देते हुए अधिकारी ने कहा, ‘‘हम सकारात्मक विपक्ष चाहते हैं। विधानसभा टकराव की जगह नहीं है। संवैधानिक दृष्टि से यह सदन विपक्ष का है।’’
 
उन्होंने यह भी कहा कि सदन में बोलने का समय 50-50 के आधार पर होगा।