केंद्र ने इसरो के साथ समझौते पर हस्ताक्षर किए, जल अनुसंधान की नयी पहल शुरू की

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 01-06-2026
Centre signs agreement with ISRO, launches new water research initiative
Centre signs agreement with ISRO, launches new water research initiative

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली 

 
जल शक्ति मंत्रालय और अंतरिक्ष एजेंसी इसरो ने देश में जल संसाधन प्रबंधन के लिए उपग्रह प्रौद्योगिकी और अंतरिक्ष-आधारित अनुप्रयोगों के उपयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से सोमवार को एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।
 
जल शक्ति मंत्रालय द्वारा यहां डॉ. आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र में आयोजित जल क्षेत्र में अनुसंधान और विकास (आर एंड डी) पर एक राष्ट्रीय कार्यशाला के दौरान समझौते पर हस्ताक्षर किए गए।
 
समझौते के तहत जल संसाधन विभाग और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) जलाशय निगरानी, ​​जल-प्रसार आकलन, नदी-प्रवाह विश्लेषण, उपग्रह-आधारित जल गुणवत्ता आकलन और जल निकायों में प्लास्टिक के कचरे के अत्यधिक मात्रा में फैलने पर अध्ययन सहित 24 प्रमुख अनुसंधान क्षेत्रों में संयुक्त रूप से काम करेंगे।
 
कार्यशाला को संबोधित करते हुए केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी आर पाटिल ने कहा कि 2047 तक ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए जल सुरक्षा महत्वपूर्ण है और जल संबंधी चुनौतियों का समाधान प्रौद्योगिकी, नवाचार, पारंपरिक ज्ञान और जनभागीदारी के माध्यम से किया जाना चाहिए।
 
पाटिल ने जल संचय जन भागीदारी (जेएसजेबी) अभियान के तीसरे चरण की भी शुरुआत की और जून 2026 से मई 2027 के बीच दो करोड़ जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण का लक्ष्य घोषित किया। उन्होंने कहा कि पिछले चरण में 1.5 करोड़ संरचनाओं के निर्माण का आंकड़ा पार हो चुका है।
 
इस कार्यशाला में जल शक्ति मंत्रालय और अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन (एएनआरएफ) की संयुक्त पहल जल के लिए उच्च-प्रभाव वाले क्षेत्रों में प्रगति का मिशन (एमएएचए)-जल कार्यक्रम का आरंभ भी हुआ। साथ ही, भारत जल नवाचार नेटवर्क (भारत विन) मंच के तहत स्टार्टअप और सूक्ष्म, लघु एवं मध्य उद्यम (एमएसएमई) के लिए एक खुला आमंत्रण भी जारी किया गया।
 
इसरो के अध्यक्ष और अंतरिक्ष विभाग के सचिव वी. नारायणन ने कहा कि यह समझौता दोनों संगठनों के बीच सहयोग को और गहरा करेगा और जल प्रबंधन के लिए उपग्रह-आधारित अनुप्रयोगों के उपयोग को मजबूत करेगा।