आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने उम्मीद पोर्टल पर मुनंबम की विवादित जमीन के पंजीकरण को लेकर केरल राज्य वक्फ बोर्ड को नोटिस जारी किया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की केरल इकाई के अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने सोमवार को यह जानकारी दी।
चंद्रशेखर ने एक बयान में कहा कि उन्होंने केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रीजीजू को एक विस्तृत शिकायत सौंपी है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि केरल राज्य वक्फ बोर्ड ने एकतरफा तरीके से कई संपत्तियों की जानकारी ‘एकीकृत वक्फ प्रबंधन, सशक्तीकरण, दक्षता एवं विकास (उम्मीद)’ पोर्टल पर अपलोड कर दी है, जिसमें मुनंबम की विवादित 404 एकड़ जमीन भी शामिल है।
उन्होंने कहा कि कानून केवल संबंधित मुतवल्ली या वक्फ संपत्ति के न्यासी को ही पोर्टल पर ऐसे रिकॉर्ड अपलोड करने का अधिकार देता है।
चंद्रशेखर ने दावा किया कि मुनंबम के मामले में यह अधिकार फारूक कॉलेज के पास है। उन्होंने आरोप लगाया कि वक्फ बोर्ड की कार्रवाई गैरकानूनी और अधिकार क्षेत्र का उल्लंघन थी।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि उन्होंने यह मुद्दा रीजीजू के समक्ष उठाया, जिसके बाद केंद्र ने वक्फ बोर्ड से स्पष्टीकरण मांगने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि इस कदम से पता चलता है कि सरकार मुनंबम के निवासियों और विभिन्न संगठनों की शिकायतों को कितनी गंभीरता से ले रही है।
चंद्रशेखर ने दोहराया कि भाजपा हमेशा मुनंबम के लोगों के साथ खड़ी रही है और उनके संपत्ति अधिकारों तथा आजीविका की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि मालिकाना हक से जुड़े मामले कानूनी मंचों पर लंबित रहने के बावजूद उम्मीद पोर्टल पर विवादित जमीन की जानकारी अपलोड करने से गंभीर कानूनी और प्रशासनिक चिंताएं पैदा होती हैं।
चंद्रशेखर ने कहा कि भाजपा पूरे केरल में वक्फ से जुड़े जमीन विवादों में दखल देगी, जिसमें थालिपरम्बा भी शामिल है। उन्होंने उन लोगों के हितों की रक्षा के लिए कानूनी और प्रशासनिक कदम उठाने का वादा किया, जो जमीन के असली मालिक हैं।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने मुनंबम मामले में केंद्र के हस्तक्षेप को क्षेत्र के लोगों की न्याय की लड़ाई में “एक अहम कदम” बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा सभी उपलब्ध कानूनी और प्रशासनिक माध्यमों से इस मुद्दे को उठाना जारी रखेगी।