ध्रुव राठी का वीडियो हटाने की मांग वाली याचिका पर फैसला के लिए केंद्र को 15 दिन का समय

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 03-07-2026
Centre gets 15 days to decide on plea seeking removal of Dhruv Rathee's video
Centre gets 15 days to decide on plea seeking removal of Dhruv Rathee's video

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को यूट्यूबर ध्रुव राठी के एक ‘अपमानजनक’ वीडियो को हटाने का अनुरोध करने वाली याचिका पर केंद्र सरकार की शिकायत अपीलीय समिति को 15 दिनों के भीतर फैसला लेने का निर्देश दिया।
 
याचिका में कहा गया है कि इस वीडियो से लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।
 
न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा ने अधिवक्ता अमिता सचदेवा द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिया।
 
याचिका में अपीलीय समिति को मामले पर शीघ्र निर्णय लेने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया था।
 
अदालत ने कहा कि आदेश की किसी भी तरह की अवहेलना को ‘गंभीरता से’ लिया जाएगा।
 
अदालत ने कहा, “अपीलीय समिति याचिकाकर्ता की अपील पर 15 दिनों के भीतर शीघ्रता से फैसला करे और इसकी सूचना अदालत को दे। अगर इसके बाद भी कोई शिकायत रहती है, तो आप नयी याचिका दायर कर सकते हैं।”
 
याचिकाकर्ता का कहना था कि दो महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद समिति ने गूगल द्वारा संबंधित वीडियो को तुरंत हटाने से इनकार किए जाने के खिलाफ उनकी अपील पर अब तक कोई फैसला नहीं लिया है।
 
अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा ने कहा कि किसी मध्यस्थ मंच की कानूनी जिम्मेदारी है कि वह उचित सावधानी बरते और ऐसे कंटेंट को हटाए, जिनमें बहुसंख्यक समुदाय की भावनाओं को आहत करने वाली पोस्ट भी शामिल हैं।
 
गूगल की ओर से पेश वकील ने कहा कि कंपनी ने याचिकाकर्ता द्वारा दायर अपील पर अपना जवाब दे दिया है।
 
सचदेवा ने याचिका में कहा कि राठी ने 21 मार्च को एक अत्यंत अपमानजनक और सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील वीडियो अपलोड किया था, जिसे यूट्यूब पर लाखों बार देखा जा चुका है और वीडियो में ‘भगवान श्रीराम, भगवान श्रीकृष्ण और सीता देवी का अपमान करने वाले झूठे, भ्रामक और भड़काऊ बयान’ शामिल हैं।
 
याचिका में बताया गया कि दिल्ली पुलिस के साइबर प्रकोष्ठ में शिकायत भेजने के अलावा, सचदेवा ने सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यस्थ दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियमों के तहत यूट्यूब के शिकायत अधिकारी के समक्ष औपचारिक शिकायत भी दर्ज कराई थी, जिसमें संबंधित वीडियो को तत्काल हटाने का अनुरोध किया गया था।