बजट 2026 से सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर को बड़ी ताक़त: ICEA

Story by  एटीवी | Published by  [email protected] | Date 01-02-2026
Budget 2026 will give a major boost to the semiconductor and electronics sectors: ICEA
Budget 2026 will give a major boost to the semiconductor and electronics sectors: ICEA

 

नई दिल्ली 

केंद्रीय बजट 2026-27 को भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर सेक्टर के लिए ऐतिहासिक बताया जा रहा है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए इस बजट में इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) 2.0 की घोषणा की गई है, जिसके लिए 40,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस पहल का उद्देश्य भारत में सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को मज़बूत करना, घरेलू सप्लाई चेन विकसित करना और स्वदेशी तकनीकी क्षमताओं को नई ऊंचाई देना है।

बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए इंडिया सेल्युलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन (ICEA) ने इसे देश के लिए “एक निश्चित जीत” करार दिया है। ICEA ने अपने बयान में कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग पर निरंतर फोकस, ISM 2.0 की शुरुआत और इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम (ECMS) के बड़े विस्तार से यह साफ होता है कि सरकार घरेलू उत्पादन को बढ़ाने और वैश्विक वैल्यू चेन में भारत की स्थिति मज़बूत करने के लिए दीर्घकालिक रणनीति पर काम कर रही है।

ICEA के मुताबिक, ISM 2.0 के तहत केवल चिप निर्माण ही नहीं, बल्कि सेमीकंडक्टर उपकरण, कच्चे माल, फुल-स्टैक भारतीय बौद्धिक संपदा (IP) के डिज़ाइन और सप्लाई चेन को भी मज़बूती दी जाएगी। इससे भारत तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम उठा सकेगा।

एसोसिएशन ने बजट में घोषित एक और अहम फैसले का स्वागत किया—2047 तक भारत आधारित डेटा सेंटर्स के ज़रिये वैश्विक क्लाउड सेवाएं देने वाली विदेशी कंपनियों के लिए टैक्स हॉलिडे। ICEA ने इसे दूरदर्शी कदम बताते हुए कहा कि इससे वैश्विक डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर भारत में स्थापित होगा, नीति स्थिरता मिलेगी और भारत डेटा, क्लाउड और एआई आधारित सेवाओं का भरोसेमंद वैश्विक केंद्र बन सकेगा।

ICEA के बयान में कहा गया कि दीर्घकालिक नीति स्पष्टता निवेशकों का भरोसा बढ़ाती है और यही वजह है कि यह कदम देश के लिए “sure win” साबित होगा। इसके अलावा, बॉन्डेड ज़ोन में पूंजीगत उपकरणों की आपूर्ति करने वाली विदेशी कंपनियों को पांच साल की आयकर छूट, नॉन-रेज़िडेंट कंपोनेंट वेयरहाउसिंग के लिए सेफ हार्बर फ्रेमवर्क, कस्टम्स डी-क्रिमिनलाइजेशन और एडवांस रूलिंग्स की वैधता बढ़ाने जैसे फैसलों से कारोबार करना आसान होगा और अनुपालन का बोझ घटेगा।

ICEA के चेयरमैन पंकज मोहनद्रू ने कहा कि बजट 2026-27 मैन्युफैक्चरिंग आधारित विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को और मज़बूत करता है। “ECMS का विस्तार, ISM 2.0 को समर्थन और क्लाउड व डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए दीर्घकालिक प्रोत्साहन यह दिखाते हैं कि सरकार की मंशा स्पष्ट है और नीति स्थिर है,” उन्होंने कहा।

विशेषज्ञों का मानना है कि बजट 2026 के ये फैसले भारत को न सिर्फ़ इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग का वैश्विक हब बनाने में मदद करेंगे, बल्कि सेमीकंडक्टर जैसे रणनीतिक क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और रोज़गार सृजन को भी नई गति देंगे।