केरल के लिए ‘पूरी तरह निराशाजनक’ बजट: केसी वेणुगोपाल का केंद्र पर तीखा हमला

Story by  एटीवी | Published by  [email protected] | Date 01-02-2026
A completely disappointing budget for Kerala, KC Venugopal launches a scathing attack on the central government.
A completely disappointing budget for Kerala, KC Venugopal launches a scathing attack on the central government.

 

नई दिल्ली 

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और महासचिव केसी वेणुगोपाल ने केंद्रीय बजट 2026-27 को लेकर केंद्र सरकार पर कड़ा हमला बोला है। उन्होंने इस बजट को “केरल के लिए पूरी तरह निराशाजनक” करार देते हुए आरोप लगाया कि इसमें आम लोगों की जरूरतों को नज़रअंदाज़ कर बड़े कॉरपोरेट्स को प्राथमिकता दी गई है।

बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए केसी वेणुगोपाल ने सवाल उठाया कि केरल के लिए आखिर क्या घोषित किया गया है। उन्होंने कहा, “पिछले दस वर्षों से केरल को AIIMS देने का वादा किया जा रहा है, लेकिन इस बजट में भी इसका कोई उल्लेख नहीं है। यह केरल के साथ सौतेला व्यवहार है।” वेणुगोपाल के मुताबिक, राज्य की स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए AIIMS जैसी संस्था की लंबे समय से ज़रूरत है, लेकिन हर साल की तरह इस बार भी केरल को निराशा ही हाथ लगी।

कांग्रेस नेता ने बजट की मंशा पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “यह बजट आम जनता के लिए नहीं है। यह बड़े कॉरपोरेट्स का बजट है।” उन्होंने बजट को खोखला बताते हुए कहा कि इसमें न तो रोज़गार संकट का समाधान है और न ही महंगाई व गिरते जीवन स्तर से जूझ रहे मध्यम वर्ग के लिए कोई ठोस राहत।

इससे पहले दिन में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए गए एक पोस्ट में वेणुगोपाल ने बजट को “बेजान और संवेदनहीन” बताते हुए सरकार को “भ्रमित” करार दिया। उन्होंने दावा किया कि पिछली संसद सत्र में मनरेगा (MGNREGA) में कटौती से शुरू हुआ कल्याणकारी योजनाओं पर हमला अब ‘वित्तीय अनुशासन’ के नाम पर और तेज़ हो गया है।

वेणुगोपाल ने कहा कि देश में बेरोज़गारी रिकॉर्ड स्तर पर है, लोगों की जीवन गुणवत्ता लगातार गिर रही है और मध्यम वर्ग आर्थिक दबाव में है। “शेयर बाजार की अस्थिरता और बढ़ती महंगाई ने मध्यम वर्ग की कमर तोड़ दी है, जबकि कल्याणकारी सुरक्षा तंत्र को धीरे-धीरे खत्म किया जा रहा है,” उन्होंने कहा।

केरल को लेकर उन्होंने विशेष चिंता जताते हुए कहा कि राज्य को न केवल AIIMS से वंचित रखा गया, बल्कि हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर जैसी बड़ी परियोजनाओं में भी केरल के किसी शहर को शामिल नहीं किया गया। उनके शब्दों में, “यह बजट प्रधानमंत्री के करीबी लोगों के लिए है, न कि आम भारतीय के लिए, जो बढ़ती कीमतों, घटते रोज़गार और जर्जर बुनियादी ढांचे से जूझ रहा है।”

गौरतलब है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को लोकसभा में अपना लगातार नौवां केंद्रीय बजट पेश किया। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राज्यों को वित्त आयोग अनुदान के रूप में 1.4 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। साथ ही 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों के तहत केंद्रीय करों में राज्यों की हिस्सेदारी 41 प्रतिशत बनाए रखने का निर्णय लिया गया है।

हालांकि, केसी वेणुगोपाल और कांग्रेस का कहना है कि इन आंकड़ों के बावजूद ज़मीनी हकीकत यह है कि केरल जैसे राज्यों की प्रमुख मांगों को लगातार नज़रअंदाज़ किया जा रहा है। उनके मुताबिक, जब तक बजट आम लोगों की वास्तविक समस्याओं—रोज़गार, स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन स्तर—को केंद्र में नहीं रखता, तब तक ऐसे दावों से जनता को संतोष नहीं मिल सकता।