Budget Session 2026: लोकसभा में पूर्व सांसद भगवान दास राठौर को श्रद्धांजलि

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 13-02-2026
Budget Session 2026: Tribute to former MP Bhagwan Das Rathore in Lok Sabha
Budget Session 2026: Tribute to former MP Bhagwan Das Rathore in Lok Sabha

 

नई दिल्ली 

बजट सत्र 2026 के पहले चरण के अंतिम दिन शुक्रवार को लोकसभा में महत्वपूर्ण संसदीय कार्य होने जा रहे हैं। कार्यसूची के अनुसार, सदन की कार्यवाही की शुरुआत पूर्व सांसद Bhagwan Dass Rathor को श्रद्धांजलि अर्पित करने से होगी। उनका जनवरी 2026 में निधन हो गया था। सदन में उनके सम्मान में शोक-संदर्भ (Obituary Reference) लिया जाएगा।

इसके बाद प्रश्नकाल के दौरान विभिन्न सांसदों द्वारा पूछे गए प्रश्नों का संबंधित केंद्रीय मंत्री मौखिक उत्तर देंगे। शिक्षा, संस्कृति, स्वास्थ्य, गृह, विधि एवं न्याय, वाणिज्य एवं उद्योग तथा वस्त्र मंत्रालय के मंत्री सदन की मेज पर आधिकारिक पत्र और रिपोर्टें रखेंगे।

 स्थायी समिति की अहम रिपोर्ट

परिवहन, पर्यटन और संस्कृति से जुड़ी संसदीय स्थायी समिति भारत के पर्यटन क्षेत्र के समग्र विकास पर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। इस रिपोर्ट में औपचारिक कौशल विकास, विश्वविद्यालय स्तर के पाठ्यक्रम और गाइड, हॉस्पिटैलिटी तथा इको-टूरिज्म के लिए पेशेवर प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान दिया गया है।

 मानसिक स्वास्थ्य और CGHS पर बयान

केंद्रीय मंत्री प्रतापराव जाधव मानसिक स्वास्थ्य देखभाल और केंद्रीय सरकारी स्वास्थ्य योजना (CGHS) से संबंधित सिफारिशों के क्रियान्वयन की स्थिति पर बयान देंगे। वहीं, केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय से संबंधित सिफारिशों पर सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी देंगे।

 निजी सदस्यों के प्रस्ताव

निजी सदस्यों के कार्य के तहत केरल में रेलवे संचालन सुधार, महाराष्ट्र के ऐतिहासिक किलों के संरक्षण और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 के तहत न्यायालयों में लंबित मामलों को कम करने के उपायों पर प्रस्ताव पेश किए जाएंगे।

 औद्योगिक संबंध संशोधन विधेयक पारित

गुरुवार को लोकसभा ने विस्तृत चर्चा के बाद The Industrial Relations Code (Amendment) Bill, 2026 पारित कर दिया। यह संशोधन 2020 के औद्योगिक संबंध संहिता में आवश्यक बदलाव करने के उद्देश्य से लाया गया है। इसका मकसद ट्रेड यूनियन अधिनियम, 1926; औद्योगिक रोजगार (स्थायी आदेश) अधिनियम, 1946; और औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 से जुड़े प्रावधानों में भविष्य की जटिलताओं को दूर करना है।

चर्चा में कोडिकुन्निल सुरेश, कल्याण बनर्जी, सुप्रिया सुले, जगदंबिका पाल और अन्य कई सांसदों ने भाग लिया।इस प्रकार बजट सत्र के पहले चरण का समापन कई अहम विधायी और प्रशासनिक कार्यों के साथ होने जा रहा है।