आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
शिवसेना (उबाठा) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने बृहस्पतिवार को कहा कि भाजपा की प्रवृत्ति अपने सहयोगियों का इस्तेमाल करने और फिर उन्हें दरकिनार करने की है।
ठाकरे ने ‘पीटीआई-वीडियो’ को दिए एक साक्षात्कार में, अंबरनाथ नगर परिषद में भाजपा द्वारा कांग्रेस के साथ और अकोला के अकोट में अखिल भारतीय मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के साथ बनाए गए स्थानीय गठबंधनों का उल्लेख किया।
महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा ने अतीत में महबूबा मुफ्ती के नेतृत्व वाली पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के साथ गठबंधन किया था, और कभी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से देश को मुक्त करने का आह्वान करने वाले (वर्तमान में) बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार उसके सहयोगी रहे हैं।
ठाकरे ने कहा, ‘‘भाजपा की प्रवृत्ति 'इस्तेमाल करो और फेंक दो' की है। अटल जी (अटल बिहारी वाजपेयी) के समय में यह बुरी प्रवृत्ति नहीं थी। भाजपा ने शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना को ‘डोरमैट’ बना दिया है।’’
पिछले महीने हुए नगर निगम चुनावों के बाद, भाजपा ने अपने चिर प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस और अजित पवार के नेतृत्व वाली राकांपा के साथ 'अंबरनाथ विकास आघाडी' के बैनर तले गठबंधन कर पड़ोसी ठाणे जिले की अंबरनाथ नगर परिषद में सत्ता हासिल की। साथ ही, शिंदे की शिवसेना को दरकिनार कर दिया।
भाजपा ने अकोट नगर परिषद में एआईएमआईएम के साथ भी गठबंधन किया था, लेकिन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नाराजगी जताने के बाद इसे रद्द कर दिया गया।