आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रक्षा विनिर्माण के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश के एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभरने का शुक्रवार को दावा करते हुए कहा कि राज्य में छह स्थानों पर ‘डिफेंस कॉरिडोर’ पर पहले ही 34,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा का निवेश किया जा चुका है, जो हथियारों और गोला-बारूद उत्पादन में भारत की आत्मनिर्भरता की ओर एक निर्णायक बदलाव है।
वह यहां सरोजनी नगर इलाके में अशोक लेलैंड के अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) विनिर्माण संयंत्र के उद्घाटन के अवसर पर एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री एच. डी. कुमारस्वामी के साथ हिंदुजा परिवार के सदस्य भी मौजूद थे।
विनिर्माण संयंत्र का उद्घाटन करने के बाद एक सभा को संबोधित करते हुए, सिंह ने कहा कि भारत अब हथियारों, मिसाइलों या रक्षा उपकरणों के लिए दूसरे देशों पर निर्भर नहीं है, क्योंकि अब इनका निर्माण घरेलू स्तर पर किया जा रहा है, जिसमें उत्तर प्रदेश भी शामिल है।
सिंह ने कहा कि यह देखकर अच्छा लगता है कि जो उत्तर प्रदेश किसी जमाने में बीमारू राज्य कहा जाता था तथा जिसकी पहचान को गुंडाराज और अपराध से जोड़कर देखा जाता था, आज उसी राज्य में आए दिन उद्योग स्थापित हो रहे हैं।
सिंह ने कहा कि लखनऊ, कानपुर, झांसी, आगरा, अलीगढ़ और चित्रकूट में फैला डिफेंस कॉरिडोर लड़ाकू विमानों से संबंधित हथियार, गोला-बारूद और उपकरण बना रहा है और वहां बड़ी कंपनियां विनिर्माण इकाइयां लगा रही हैं।
सिंह ने कहा, "मुझे बताया गया है कि इन डिफेंस कॉरिडोर नोड्स में लगभग 34,000 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है।"
लखनऊ से सांसद सिंह ने उत्तर प्रदेश एयरोस्पेस और रक्षा इकाई और रोजगार प्रोत्साहन नीति का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य को बड़े पैमाने पर रक्षा उत्पादन के लिए एक प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है।