आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा सदस्य सदानंद शेट तनावडे ने शुक्रवार को नयी दिल्ली में 'कॉकरोच जनता पार्टी' द्वारा प्रस्तावित धरने को खारिज करते हुए कहा कि सोशल मीडिया अभियानों के माध्यम से बनाए गए ऐसे संगठन स्थापित पार्टियों पर कोई महत्वपूर्ण प्रभाव नहीं डाल सकते हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसे संगठन आते-जाते रहते हैं।
डिजिटल संगठन 'कॉकरोच जनता पार्टी' ने परीक्षा संबंधी खामियों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर जोर देने के लिए छह जून को राष्ट्रीय राजधानी के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है।
प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए तनावडे ने कहा कि राजनीतिक दल वर्षों के समर्पण, संगठनात्मक कार्य और बलिदानों के माध्यम से बनते हैं, न कि सोशल मीडिया मंच के माध्यम से।
उन्होंने पत्रकारों से कहा, "अगर देश सोशल मीडिया पर बने राजनीतिक दलों द्वारा चलाया जाता तो देश वास्तव में सोशल मीडिया द्वारा ही संचालित होता। ऐसा कुछ नहीं है। सोशल मीडिया पर बने दल देश को नहीं चला सकते।"
सत्ताधारी पार्टी के बारे में बात करते हुए तनावडे ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी का गठन रातोंरात नहीं हुआ है और यह दशकों से एक सुस्पष्ट संविधान और संबद्ध संगठनों के विशाल नेटवर्क के साथ विकसित हुई है।
उन्होंने कहा कि 'कॉकरोच जनता पार्टी' का भाजपा या देश के राजनीतिक परिदृश्य पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
पिछले महीने भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत द्वारा अदालत की सुनवाई के दौरान कुछ व्यक्तियों को "कॉकरोच" और "परजीवी" कहने पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई। ऑनलाइन आंदोलन ने अब एक संगठित अभियान का रूप ले लिया है।