भाजपा ‘भेड़ की खाल में भेड़िए’ की तरह है : सतीशन ने एफसीआरआए संशोधन विधेयक के संदर्भ में कहा

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 04-04-2026
BJP is like a 'wolf in sheep's clothing': Satheesan said in reference to the FCRA Amendment Bill
BJP is like a 'wolf in sheep's clothing': Satheesan said in reference to the FCRA Amendment Bill

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली 

 
 कांग्रेस नेता वी डी सतीशन ने शनिवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर आरोप लगाया कि वह ‘‘भेड़ की खाल में भेड़िए’’ की तरह है, जो क्रिसमस पर बिशप के घरों और गिरजाघरों में केक लेकर जाती है, लेकिन केंद्र में एफसीआरए संशोधन विधेयक जैसे कानून लाती है जिसका असर ईसाई समुदाय पर पड़ता है।

राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सतीशन ने दावा किया कि विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम (एफसीआरए) में प्रस्तावित संशोधनों के तहत केंद्र सरकार को विदेश से निधि पाने वाली संस्थाओं के लाइसेंस किसी भी कारण से नवीनीकृत करने से इनकार करने का अधिकार मिल जाएगा।
 
उन्होंने कहा कि जिन संस्थाओं का लाइसेंस नवीनीकृत नहीं होगा, उनकी संपत्तियां भी केंद्र अपने नियंत्रण में ले सकता है।
 
कासरगोड में पत्रकारों से बातचीत में सतीशन ने कहा कि केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी को इस विधेयक के प्रस्तावित संशोधनों को पढ़ना चाहिए।
 
गोपी ने हाल ही में दावा किया था कि यह संशोधन किसी विशेष धर्म या समुदाय को निशाना बनाने के लिए नहीं है, बल्कि देश के लोगों के हितों और संपत्तियों की सुरक्षा के लिए है।
 
सतीशन ने कहा कि एफसीआरए को कांग्रेस ने अवैध विदेशी चंदे को रोकने के लिए लागू किया था, लेकिन हाल के प्रस्तावित संशोधन ‘‘खतरनाक’’ हैं क्योंकि वे कथित रूप से अल्पसंख्यक समुदायों की संपत्तियों पर नियंत्रण करने के उद्देश्य से लाए जा रहे हैं।
 
उन्होंने दावा किया, ‘‘जल्द ही वे एक चर्च विधेयक भी लाएंगे, जैसे उन्होंने वक्फ अधिनियम में संशोधन किया।’’
 
 
राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सतीशन ने दावा किया कि विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम (एफसीआरए) में प्रस्तावित संशोधनों के तहत केंद्र सरकार को विदेश से निधि पाने वाली संस्थाओं के लाइसेंस किसी भी कारण से नवीनीकृत करने से इनकार करने का अधिकार मिल जाएगा।
 
उन्होंने कहा कि जिन संस्थाओं का लाइसेंस नवीनीकृत नहीं होगा, उनकी संपत्तियां भी केंद्र अपने नियंत्रण में ले सकता है।
 
कासरगोड में पत्रकारों से बातचीत में सतीशन ने कहा कि केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी को इस विधेयक के प्रस्तावित संशोधनों को पढ़ना चाहिए।
 
गोपी ने हाल ही में दावा किया था कि यह संशोधन किसी विशेष धर्म या समुदाय को निशाना बनाने के लिए नहीं है, बल्कि देश के लोगों के हितों और संपत्तियों की सुरक्षा के लिए है।
 
सतीशन ने कहा कि एफसीआरए को कांग्रेस ने अवैध विदेशी चंदे को रोकने के लिए लागू किया था, लेकिन हाल के प्रस्तावित संशोधन ‘‘खतरनाक’’ हैं क्योंकि वे कथित रूप से अल्पसंख्यक समुदायों की संपत्तियों पर नियंत्रण करने के उद्देश्य से लाए जा रहे हैं।
 
उन्होंने दावा किया, ‘‘जल्द ही वे एक चर्च विधेयक भी लाएंगे, जैसे उन्होंने वक्फ अधिनियम में संशोधन किया।’’