असली अपराधी बच निकले, एनआईए स्थानीय लोगों को परेशान कर रही : ममता ने मालदा घटना पर कहा

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 04-04-2026
Real culprits escaped, NIA harassing local people: Mamata on Malda incident
Real culprits escaped, NIA harassing local people: Mamata on Malda incident

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली 

 
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को दावा किया कि मालदा जिले के मोथाबाड़ी में न्यायिक अधिकारियों के घेराव और हिंसा के असली आरोपी फरार हो गए जबकि राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) निर्दोष स्थानीय लोगों को पकड़कर परेशान कर रहा है।
 
मालदा के मानिकचक में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने लोगों से अपील की कि वे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद ‘विचाराधीन’ मामलों की जांच कर रहे न्यायिक अधिकारियों के पास जाने के बजाय मतदाता सूची से गलत तरीके से हटाए गए नामों को दोबारा शामिल कराने के लिए न्यायाधिकरणों में आवेदन करें।
 
उन्होंने इंडियन सेक्युलर फ्रंट (आईएसएफ) और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के संदर्भ में कहा, ‘‘दो सांप्रदायिक दलों ने न्यायिक अधिकारियों का घेराव किया और भाग निकले। अब एनआईए स्थानीय युवाओं को परेशान कर रही है। जांच के नाम पर करीब 50 निर्दोष लोगों को उठा लिया गया है।’’
 
जब बनर्जी ने सभा में मौजूद लोगों से पूछा कि किन-किन के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं, तो बड़ी संख्या में लोगों ने हाथ उठाए, जिसे देखकर उन्होंने आश्चर्य जताया।
 
तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने मंच पर मौजूद पार्टी के स्थानीय नेताओं से कहा, ‘‘हमें राजनीतिक रैलियां और सभाएं करने की जरूरत नहीं है। मेरी प्राथमिकता इन लोगों की मदद करना है, ताकि वे न्यायाधिकरणों में आवेदन देकर अपने नाम फिर से जुड़वा सकें।’’
 
बनर्जी ने मतदाता सूची में नाम हटाए जाने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को जिम्मेदार ठहराते हुए उन्हें ‘‘मोटाभाई’’ कहकर संबोधित किया और आरोप लगाया कि वह चुनाव से पहले तबादलों के नाम पर राज्य प्रशासन में अधिकारियों के बीच फूट डाल रहे हैं।
 
उन्होंने कहा, ‘‘मैं अमित शाह को चुनौती देती हूं कि वह मालदा आकर यहां के लोगों से मिलें, जिनके नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। भाजपा को लोगों के पैरों में गिरकर उनसे माफी मांगनी चाहिए, क्योंकि उसने उन्हें यह परेशानी दी है। मैं लोगों से अपील करती हूं कि वे ईवीएम के जरिए नाम काटे जाने का बदला लें।’’