Bihar's financial situation is worrying, debt burden has increased rapidly: Tejashwi
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि बिहार की वित्तीय स्थिति गंभीर चिंता का विषय बन गई है तथा राज्य पर सार्वजनिक कर्ज तेजी से बढ़ा है।
उन्होंने कहा कि 2025-26 में राजकोषीय घाटा सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) के 5.8 प्रतिशत तक पहुंच गया, जो प्रमुख राज्यों में सबसे अधिक है।
बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष यादव ने इसे ‘गंभीर वित्तीय संकट’ करार देते हुए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार पर भ्रष्टाचार और वित्तीय कुप्रबंधन का आरोप लगाया।
उन्होंने दावा किया कि सरकार राज्य की बढ़ती वित्तीय चुनौतियों से निपटने में पूरी तरह विफल रही है।
यादव ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, “बिहार की वित्तीय स्थिति गंभीर चिंता का विषय बन गई है। राज्य पर सार्वजनिक कर्ज तेजी से बढ़ रहा है और 2025-26 में राजकोषीय घाटा जीएसडीपी के 5.8 प्रतिशत तक पहुंच गया है, जो प्रमुख राज्यों में सर्वाधिक है। बिहार गंभीर वित्तीय संकट से गुजर रहा है।”
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में सरकारी कर्मचारियों और पेंशनधारकों के वेतन एवं पेंशन, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, ठेकेदारों के भुगतान तथा विकास योजनाओं के लिए समय पर धन उपलब्ध नहीं हो पा रहा है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि ‘स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड’ योजना के लिए बजटीय आवंटन घटाया गया है और छात्रवृत्तियों में कटौती की जा रही है।
तेजस्वी ने कहा कि बढ़ते कर्ज के साथ-साथ राज्य का राजस्व घाटा भी बढ़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजग सरकार के पास राजस्व संग्रह बढ़ाने, बजट प्रबंधन को मजबूत करने और राजकोषीय घाटे पर नियंत्रण के लिए कोई दीर्घकालिक रणनीति नहीं है।
उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में राज्य सरकार ने रिकॉर्ड स्तर पर कर्ज लिया, जिससे राजकोष पर भारी दबाव बना हुआ है। उन्होंने सार्वजनिक धन के उपयोग पर भी सवाल उठाया।