Better understanding needed to avoid potential conflict in Parliament session: Mayawati
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने सोमवार से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र के दौरान टकराव की आशंका जताते हुए सभी पक्षों से बेहतर सूझबूझ का परिचय देने और टकराव टालने का आह्वान किया है।
मायावती ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘आज से संसद का मानसून सत्र शुरू हो रहा है। सदन से लेकर सड़कों और दिल्ली के जंतर-मंतर तक विभिन्न ज्वलंत मुद्दों को लेकर टकराव की स्थिति बनी हुई है। देश के मौजूदा राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक हालात को देखते हुए इसे बेहतर सूझबूझ से टाला जाना चाहिए।’’
उन्होंने अपनी पोस्ट में स्वास्थ्य सेवाओं, विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं, भर्ती परीक्षाओं और पेपर लीक की घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इनसे पैदा हुई अनिश्चितता ने विशेष रूप से युवाओं और बेरोजगारों को परेशान किया है।
मायावती ने युवाओं और बेरोजगारों के आक्रोश तथा आंदोलनों का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘यह देश और जनहित से जुड़ा अत्यंत गंभीर मामला है। इस पर प्रभावी ढंग से नियंत्रण पाने के लिए सरकारों को तत्काल कड़े कदम उठाने की आवश्यकता है।’’
उन्होंने कहा कि इसके लिए जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए और विशेष रूप से परीक्षा व्यवस्था से जुड़े उच्च पदों पर बैठे लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि देश की तरक्की की नींव युवा पीढ़ी का भविष्य इस प्रकार की अनिश्चितता और अंधकार से बचाया जा सके।