बेस्ट बस हड़ताल: सुबह केवल चार बसे चलीं, यात्री रहे परेशान

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 20-06-2026
BEST bus strike: Only four buses ply in the morning
BEST bus strike: Only four buses ply in the morning

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली 

 
 बृहन्मुंबई विद्युत आपूर्ति एवं यातायात (बेस्ट) की हड़ताल शनिवार को दूसरे दिन भी जारी रही और इसे हड़ताल में शामिल कर्मचारियों का पूरा समर्थन मिला। सुबह के समय 2,766 बसों में से केवल चार बसें ही सड़कों पर उतरीं, जिससे यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा।
 
बेस्ट द्वारा सुबह 10 बजे जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, 246 निर्धारित बेस्ट-स्वामित्व वाली बसों में से कोई भी डिपो से बाहर नहीं निकली, जबकि 2,521 बसों के निर्धारित संचालन के मुकाबले केवल चार ‘वेट-लीज’ बसें (निजी ऑपरेटर से पट्टे पर ली गई) ही सड़कों पर चल रही थीं।
 
बेस्ट की बसों के न चलने के कारण, मुंबई के आम लोगों को यातायात के सस्ते साधनों के तौर पर साझा टैक्सी या ऑटो-रिक्शे का सहारा लेना पड़ा, जबकि कुछ लोगों ने बाइक टैक्सी का इस्तेमाल किया।
 
परेल के एमडी कॉलेज के एक छात्र ने बताया कि वह आम तौर पर रोज़ डोंगरी से बस से आता-जाता है, लेकिन हड़ताल की वजह से उसे बाइक टैक्सी का इस्तेमाल करना पड़ा, जो उसके रोज़ के सफ़र के खर्च से काफ़ी ज़्यादा महंगी थी।
 
छात्राओं के एक समूह ने बताया कि उन्हें परेल रेलवे स्टेशन से पैदल आना पड़ा क्योंकि सुबह की भीड़-भाड़ के समय कैब मिलना मुश्किल था।
 
कार्यालय जाने वाले कुछ लोगों ने कहा कि शुक्रवार के मुकाबले अफरा-तफरी की स्थिति कम थी, क्योंकि यात्रियों को हड़ताल के बारे में पहले से पता था और वे बस स्टॉप पर इंतज़ार करने से बच रहे थे।
 
इसके अलावा, शनिवार को लोकल ट्रेनों और मेट्रो सेवाओं में भीड़ कम थी। कई ऑफिस जाने वालों ने घर से काम करने का विकल्प चुना।
 
बेस्ट के अपने कर्मचारियों में, निर्धारित 1,937 चालकों के मुकाबले केवल 26 बस चालक ही ड्यूटी पर आए जबकि 2,646 निर्धारित कर्मचारियों के मुकाबले केवल नौ कंडक्टर उपस्थित हुए।
 
बस निरीक्षकों की उपस्थिति अपेक्षाकृत बेहतर रही, जहां 221 निर्धारित कर्मियों में से 119 कर्मी ड्यूटी पर उपस्थित हुए।
 
बेस्ट के आकंडों के अनुसार, पट्टे पर ली गईं बसों का संचालन भी इसी तरह प्रभावित रहा, जहां 3,063 निर्धारित चालकों के मुकाबले केवल आठ चालक ही ड्यूटी पर आए, जबकि 1,137 निर्धारित कंडक्टरों में से कोई भी उपस्थित नहीं हुआ।
 
बेस्ट संयुक्त कामगार कृति समिति के संयोजक उदय अंबोनकर ने शुक्रवार देर रात ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया ‘‘किसी ठोस फैसले के अभाव में, हमने अपना आंदोलन जारी रखने का फ़ैसला किया है।’’