कर्नाटक कावेरी जल में अपना हिस्सा चाहता है : रामलिंगा रेड्डी

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 20-06-2026
Karnataka wants its share of Cauvery water: Ramalinga Reddy
Karnataka wants its share of Cauvery water: Ramalinga Reddy

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली 

 
 कर्नाटक के जल संसाधन मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने शनिवार को कहा कि उनका राज्य कावेरी जल में से केवल अपने हिस्से की मांग कर रहा है और यह तमिलनाडु से 'एक बूंद भी' अधिक पानी नहीं चाहता है।
 
रेड्डी ने दोहराया कि प्रस्तावित मेकेदातु परियोजना से कर्नाटक और तमिलनाडु दोनों राज्यों के किसानों को लाभ होगा।
 
वह तमिलनाडु सरकार द्वारा मेकेदातु संतुलन जलाशय परियोजना का विरोध करने पर प्रतिक्रिया दे रहे थे।
 
रेड्डी ने यहां संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि इस मुद्दे को बातचीत के जरिये सुलझाया जा सकता है और कर्नाटक, तमिलनाडु के साथ चर्चा के लिए तैयार है।
 
उन्होंने केंद्रीय जल संसाधन मंत्रालय के साथ जल संबंधी अंतर-राज्यीय मुद्दों पर चर्चाओं का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘कर्नाटक को जितना पानी आवंटित किया गया है, हम उससे एक बूंद भी ज़्यादा नहीं चाहते हैं। हमें बस उतना ही पानी चाहिए, जो हमारे लिए आवंटित किया गया है।’’
 
उन्होंने कहा कि तमिलनाडु ने संभावित फ़ायदों के बावजूद इस परियोजनाओं का विरोध किया।
 
उन्होंने कहा, ‘‘अगर मेकेदातु बांध पहले ही बन गया होता और उसमें पानी जमा होता, तो बारिश की कमी के बावजूद हम अब भी तमिलनाडु को पानी छोड़ सकते थे। इससे हमें पीने के पानी की ज़रूरतें पूरी करने में भी मदद मिलती। हर महीने जो पानी छोड़ा जाना है, उससे तमिलनाडु के किसानों को फ़ायदा होता।"
 
उन्होंने कहा, ‘‘इस परियोजना का विरोध करके वे असल में अपने ही किसानों के लिए मुश्किलें पैदा कर रहे हैं।’’
 
उन्होंने यह भी कहा कि मेकेदातु के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार है।
 
मंत्री ने कहा, ‘‘हमने इसे कावेरी जल विनियमन आयोग को सौंप दिया है। उन्होंने कुछ बदलावों का सुझाव दिया है, जिन्हें हम कर रहे हैं। उनकी मंज़ूरी मिलने के बाद, हम आगे बढ़ेंगे।’’
 
उन्होंने कहा कि यह सिर्फ़ पानी जमा करने वाला बांध है। इससे बेंगलुरु को 4.75 टीएमसी पीने का पानी मिलेगा। इससे सिंचाई के लिए कोई पानी नहीं मिलेगा। इससे लगभग 400 मेगावाट बिजली भी पैदा होगी।
 
उन्होंने पूछा, ‘‘क्या यह बेहतर नहीं होगा कि पड़ोसी राज्य इन मुद्दों को आपसी सहमति से सुलझा लें?’’
 
रेड्डी ने पानी की मौजूदा स्थिति पर कहा कि कर्नाटक के जलाशयों में पानी सीमित है।