विकास और पर्यावरण में संतुलन जरूरी: राधाकृष्णन

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 30-05-2026
Balance between development and environment is essential: Radhakrishnan
Balance between development and environment is essential: Radhakrishnan

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली 

 
 उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन ने शनिवार को कहा कि भविष्य उन अर्थव्यवस्थाओं का है जो पारिस्थितिक संतुलन को बनाए रखते हुए विकास हासिल कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि गोवा में सतत तटीय विकास के लिए राष्ट्रीय स्तर पर एक आदर्श मॉडल के रूप में उभरने की क्षमता है।
 
राधाकृष्णन ने यहां गोवा राज्य स्थापना दिवस समारोह में कहा कि गोवा उभरते हुए समुद्री अर्थव्यवस्था क्षेत्र (ब्लू इकोनॉमी) में देश का नेतृत्व करने के लिए बेहतर स्थिति में है।
 
तेजी से बदलती दुनिया के लिए एक प्रेरणादायक मॉडल के रूप में गोवा का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि इसने यह प्रदर्शित किया है कि कोई भी अपनी सांस्कृतिक जड़ों को खोए बिना और स्थानीय परंपराओं को संरक्षित करते हुए आधुनिकता को अपना सकता है।
 
इस मौके पर गोवा के राज्यपाल पी अशोक गजपति राजू और मुख्यमंत्री डॉ प्रमोद सावंत भी मौजूद थे।
 
राधाकृष्णन ने कहा, ‘‘भविष्य उन अर्थव्यवस्थाओं का है जो पारिस्थितिक संतुलन को बनाए रखते हुए विकास कर सकती हैं और गोवा सतत तटीय विकास के लिए राष्ट्रीय स्तर पर एक आदर्श मॉडल के रूप में उभर सकता है।’’
 
गोवा के समुद्री संसाधनों और मत्स्य पालन क्षेत्र का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में समुद्री अर्थव्यवस्था एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और इस बात पर खुशी व्यक्त की कि राज्य पहले से ही उस दिशा में आगे बढ़ रहा है।
 
‘ब्लू इकोनॉमी’ शब्द का तात्पर्य आर्थिक विकास, बेहतर आजीविका और रोजगार सृजन के लिए महासागर और तटीय संसाधनों के सतत उपयोग और संरक्षण से है।
 
उन्होंने कहा कि विकास को संतुलित और समावेशी होना चाहिए। उन्होंने कहा कि विकास को तब तक सार्थक नहीं माना जा सकता जब तक कि इससे समाज के हर वर्ग को लाभ न मिले।