हैदराबाद (तेलंगाना)
पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान और तेलंगाना सरकार के मंत्री मोहम्मद अज़हरुद्दीन तथा प्रोफेसर एम. कोडंडा राम रेड्डी ने सोमवार को तेलंगाना विधान परिषद (Legislative Council) के सदस्य के रूप में शपथ ली। यह शपथ ग्रहण समारोह राज्य की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला ने दोनों नेताओं को विधान परिषद सदस्य के रूप में नामित किया था। इसके बाद विधान परिषद के अध्यक्ष गुथा सुखेंदर रेड्डी ने उन्हें शपथ दिलाई। इस अवसर पर तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी भी उपस्थित रहे।
शपथ ग्रहण के बाद मोहम्मद अज़हरुद्दीन ने मुख्यमंत्री और पार्टी नेतृत्व का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वे इस अवसर के लिए ईश्वर के आभारी हैं और मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी को धन्यवाद देते हैं, जिन्होंने उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी। अज़हरुद्दीन ने तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी (TPCC) के अध्यक्ष महेश कुमार गौड़ का भी आभार जताया।
उन्होंने कहा कि यह जिम्मेदारी उन्हें उनके पार्टी के प्रति लंबे समय से किए गए कार्यों का परिणामस्वरूप मिली है। अज़हरुद्दीन ने कहा कि उनका लक्ष्य राज्य के अल्पसंख्यकों और पूरे तेलंगाना के विकास के लिए काम करना है। उन्होंने यह भी कहा कि वे जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने का प्रयास करेंगे।
मोहम्मद अज़हरुद्दीन एक प्रसिद्ध पूर्व क्रिकेटर हैं और भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान भी रह चुके हैं। राजनीति में आने के बाद वे 2009 में कांग्रेस पार्टी में शामिल हुए और मुरादाबाद से सांसद चुने गए थे। वर्ष 2018 में उन्हें तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी का कार्यकारी अध्यक्ष भी नियुक्त किया गया था। वर्तमान में वे राज्य सरकार में सार्वजनिक उद्यम और अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री के रूप में कार्यरत हैं।
नियमों के अनुसार, मंत्री बनने के बाद किसी व्यक्ति को छह महीने के भीतर राज्य विधानसभा या विधान परिषद का सदस्य बनना आवश्यक होता है। अज़हरुद्दीन के लिए यह समय सीमा 30 अप्रैल को समाप्त हो रही थी, जिससे पहले उनका यह शपथ ग्रहण महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
दूसरी ओर, प्रोफेसर एम. कोडंडा राम रेड्डी भी इस समारोह में विधान परिषद सदस्य के रूप में शामिल हुए। वे तेलंगाना जन समिति (TJS) के संस्थापक हैं, जिसकी स्थापना उन्होंने मार्च 2018 में की थी। वे तेलंगाना संयुक्त कार्य समिति (TJAC) के भी सदस्य रह चुके हैं, जिसने अलग तेलंगाना राज्य के गठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। कोडंडा राम रेड्डी राजनीति विज्ञान के सेवानिवृत्त प्रोफेसर हैं और लंबे समय से सामाजिक और राजनीतिक आंदोलनों से जुड़े रहे हैं।
यह शपथ ग्रहण कार्यक्रम तेलंगाना की राजनीति में दो अलग-अलग पृष्ठभूमियों वाले नेताओं के औपचारिक रूप से विधान परिषद में प्रवेश को दर्शाता है—एक ओर खेल जगत से आए अज़हरुद्दीन और दूसरी ओर अकादमिक और आंदोलनकारी पृष्ठभूमि वाले कोडंडा राम रेड्डी।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह कदम राज्य सरकार की प्रशासनिक और राजनीतिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिससे विभिन्न क्षेत्रों के अनुभवी व्यक्तियों को शासन में शामिल किया जा सके।