असमः मस्जिद कमेटी नशा कारोबारियों के जनाजे में नहीं होगी शामिल

Story by  राकेश चौरासिया | Published by  [email protected] • 1 Months ago
असमः मस्जिद कमेटी नशा कारोबारियों के जनाजे में नहीं होगी शामिल
नागांव. नशीली दवाओं के खतरे से निपटने के लिए, मध्य असम के नागांव जिले में एक मस्जिद और एक कब्रिस्तान समिति ने उन लोगों के दफन में भाग नहीं लेने का फैसला किया है, जो नशीली दवाओं के सेवन के कारण मर जाते हैं या नशीली दवाओं के व्यापार में शामिल रहे हैं.

जुरिया उदमारी बलुगुटिया जामे मस्जिद और जुरिया कॉलोनी आंचलिक कब्रिस्तान समिति के कार्यकारी निकाय ने कहा कि उसने क्षेत्र में नशीली दवाओं के खतरे से लड़ने का फैसला लिया. जुरिया कॉलोनी जला आंचलिक कबीरस्तान कमेटी के अध्यक्ष इमरान हुसैन ने बताया कि उनके इलाके के कई युवा नशे के अवैध कारोबार में शामिल हैं और कई बच्चे नशे के आदी हो गए हैं.
 
उन्होंने बताया, ‘‘कई मौकों पर हमने अपने मोहल्ले के अवैध कारोबार में शामिल या नशे के आदी लोगों, युवाओं से नशा छोड़ने की अपील की, लेकिन उन्होंने हमारी अपील नहीं सुनी. पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया, लेकिन कुछ महीने बाद वे जमानत पर बाहर आ गए.’’
 
उन्होंने कहा कि अब हमने फैसला किया है कि हम ऐसे लोगों के जनाजा में शामिल नहीं होंगे, जो नशे के आदी हैं या अवैध ड्रग्स के कारोबार में शामिल हैं और उनका निधन हो गया है. हम अपने समाज को संदेश देना चाहते हैं कि हम नशा छोड़ें और अच्छा काम करें. हम चाहते हैं कि हमारे समाज से ड्रग्स की बुराई खत्म हो.
 
इस बीच जुरिया उदमारी बलुगुटिया जामे मस्जिद की कार्यकारिणी ने भी कुछ ऐसा ही फैसला लिया है. जुरिया उदमारी बालुगुटिया जामे मस्जिद समिति के अध्यक्ष फजलुल हक मराल ने कहा, ‘‘जब ड्रग्स का आदी या अवैध ड्रग्स के व्यापार में शामिल कोई व्यक्ति मर जाता है, तो हमारी मस्जिद समिति उस व्यक्ति के निधन की सार्वजनिक घोषणा नहीं करेगी.’’ कार्यकारी निकाय की बैठक के दौरान, हमने यह भी फैसला किया है कि मस्जिद समिति जनाजा वाहक प्रदान नहीं करेगी और कोई भी इमाम ऐसे व्यक्ति के लिए जनाजा नमाज अदा नहीं करेगा.’’
 
विशेष रूप से, मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में वर्तमान असम सरकार ने ड्रग्स के खिलाफ युद्ध की घोषणा की है और मई 2021 से राज्य में 900 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के ड्रग्स जब्त किए गए हैं.