Anti-conversion law: Churches in Maharashtra are asking for consent letters from prayer attendees.
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
महाराष्ट्र में धर्मांतरण रोधी कानून लागू होने के बाद मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) के गिरजाघरों ने प्रार्थना सभाओं में भाग लेने वाले लोगों से एक सहमति पत्र लेना शुरू कर दिया है। इस पत्र में लोगों को यह स्पष्ट करना होगा कि वे अपनी स्वेच्छा से प्रार्थना में शामिल हो रहे हैं और उन पर कोई दबाव नहीं है।
पड़ोसी जिले पालघर के वसई के पादरी सैम मथाई ने मंगलवार को ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘खुद के बचाव के लिए मांगे जा रहे इन सहमति पत्रों को चर्च के कार्यालयों में रखा जाएगा, ताकि सरकार या पुलिस अधिकारियों द्वारा मांगे जाने पर इन्हें दिखाया जा सके।’’
उन्होंने बताया कि प्रार्थना में भाग लेने के लिए आने वालों से यह पत्र लेने की प्रक्रिया पिछले दो से तीन महीनों से जारी है।
पादरी मथाई ने दावा किया कि पिछले छह महीनों में एमएमआर क्षेत्र, विशेषकर मुंबई से सटे वसई-विरार, पालघर, नालासोपारा और भायंदर जैसे इलाकों में गिरजाघरों पर हमलों की 11 घटनाएं सामने आई हैं।