आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
उच्चतम न्यायालय ने आंध्र प्रदेश लोकायुक्त कार्यालय में पुट्टा मुरली मोहन रेड्डी की निदेशक (विधि) पद पर नियुक्ति से जुड़ी शिकायतों पर सुनवाई करने से इनकार करते हुए याचिकाकर्ता को आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय का रुख करने को कहा।
प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने याचिका पर विचार करने से इनकार करते हुए याचिकाकर्ता ताडीबोइना वंशी कृष्णा से कहा कि वह इस मामले में संबंधित उच्च न्यायालय से संपर्क करें। पीठ ने कहा कि उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश कानून को भली-भांति समझते हैं।
पीठ ने शुक्रवार के अपने आदेश में कहा, ‘‘चूंकि यह मामला आंध्र प्रदेश में एक सार्वजनिक पद पर नियुक्ति से संबंधित है, इसलिए हम इस याचिका पर विचार करने से इनकार करते हैं और याचिकाकर्ता को संबंधित क्षेत्राधिकार वाले उच्च न्यायालय में जाने की छूट देते हैं।’’
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अंजना प्रकाश ने शीर्ष अदालत से हस्तक्षेप का अनुरोध करते हुए कहा कि नियुक्ति संबंधी आदेश रद्द किया जाना चाहिए।
याचिकाकर्ता ने 22 सितंबर 2021 और 29 अगस्त 2023 के नियुक्ति आदेशों को रद्द करने तथा आंध्र प्रदेश (कर्नूलु) लोकायुक्त के निदेशक (विधि) पद से पुट्टा मुरली मोहन रेड्डी को हटाने का अनुरोध किया।