अनंतनाग पुलिस ने फेशियल रिकग्निशन सिस्टम की मदद से तीन OGWs को पकड़ा

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  onikamaheshwari | Date 08-07-2026
Anantnag police apprehends three OGWs with help of facial recognition system
Anantnag police apprehends three OGWs with help of facial recognition system

 

अनंतनाग (जम्मू और कश्मीर)
 
श्री अमरनाथ जी यात्रा के लिए लगाई गई एडवांस्ड सर्विलांस टेक्नोलॉजी (निगरानी तकनीक) की कामयाबी का एक बड़ा उदाहरण सामने आया है। अनंतनाग पुलिस द्वारा लगाए गए फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (FRS) ने सरबल इलाके से गुजर रहे तीन संदिग्ध लोगों के बारे में समय रहते अलर्ट जारी किया। अलर्ट मिलते ही पुलिसकर्मियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उन लोगों को रोका और उनकी पहचान की पुष्टि की। कश्मीर पुलिस के अनुसार, जांच-पड़ताल के दौरान तीनों की पहचान 'ओवर ग्राउंड वर्कर्स' (OGWs) के तौर पर हुई।
 
फेशियल रिकग्निशन सिस्टम से मिली जानकारी और उसके बाद की जांच के आधार पर, अनंतनाग पुलिस ने आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए तीनों लोगों को तुरंत हिरासत में ले लिया। पुलिस ने कहा कि इस सफल पहचान ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और श्री अमरनाथ जी यात्रा को सुरक्षित और बिना किसी घटना के संपन्न कराने में टेक्नोलॉजी-आधारित पुलिसिंग की अहम भूमिका को उजागर किया है। अनंतनाग पुलिस तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और जिले में शांति बनाए रखने के लिए आधुनिक निगरानी प्रणालियों का इस्तेमाल करने और एक मजबूत सुरक्षा ढांचा बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
 
इस बीच, श्री अमरनाथ जी यात्रा 2026 पूरे जोर-शोर से चल रही है। सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (CRPF) ने नेशनल हाईवे-44 पर मजबूत सुरक्षा घेरे और समर्पित मानवीय सेवाओं के जरिए श्रद्धालुओं की सुरक्षा और भलाई सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाई है।
CRPF के जवान हाईवे पर लगातार सुरक्षा घेरा बनाए रखने के लिए 'रोड ओपनिंग पार्टी' (ROP) ऑपरेशन चला रहे हैं। अपनी मुख्य सुरक्षा ड्यूटी के अलावा, CRPF की 84वीं बटालियन ने रामबन जिले के चंदरकोट में एक मोबाइल हेल्थ कैंप लगाया है, जो तीर्थयात्रियों और स्थानीय लोगों को चौबीसों घंटे चिकित्सा सुविधा दे रहा है।
 
CRPF की 84वीं बटालियन के कमांडेंट एन. रणबीर सिंह की देखरेख में, सीनियर मेडिकल ऑफिसर डॉ. अनंत कृष्णन के नेतृत्व वाली समर्पित मेडिकल टीम और एडवांस्ड लाइफ सेविंग एम्बुलेंस व जीवन रक्षक दवाओं से लैस पैरामेडिकल स्टाफ तुरंत स्वास्थ्य सेवाएं दे रहे हैं। यह पूरी यात्रा के दौरान यात्रियों की सुरक्षा और भलाई के प्रति CRPF की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
 
3 जुलाई को 57 दिनों की यह यात्रा शुरू हुई थी। भीड़ के प्रबंधन और सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल निगरानी और RFID ट्रैकिंग सिस्टम का इस्तेमाल करके इस पर कड़ी नजर रखी जा रही है। सालाना यात्रा रक्षाबंधन के त्योहार के दिन, यानी 28 अगस्त को समाप्त होने वाली है।