Amit Shah only talks about infiltrators; he does not expel them from the country: Kharge
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोमवार को भाजपा, विशेष रूप से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार में 10 साल से अधिक समय तक रहने के बावजूद भाजपा घुसपैठ के मुद्दे को केवल उठा रही है, लेकिन अवैध प्रवासियों को बड़ी संख्या में वापस भेजने में विफल रही है।
खरगे ने कछार जिले के बोरखोला में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए यह भी आरोप लगाया कि भाजपा ने चुनाव जीतने के प्रयास में असम में परिसीमन प्रक्रिया का दुरुपयोग किया है। उन्होंने कहा, “जब अमित शाह यहां आते हैं, तो वे सिर्फ बांग्लादेशी घुसपैठियों की बात करते हैं। लेकिन भाजपा इन घुसपैठियों को बाहर नहीं निकालती, बल्कि उन्हें पालती-पोसती है। वह सिर्फ इनके नाम पर राजनीति करती है।”
कांग्रेस नेता ने कहा कि भाजपा 10 साल से केंद्र और असम में सत्ता में है, लेकिन वह घुसपैठियों को नहीं निकाल सकी।
उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के दौरान, 2005 से 2013 के बीच 88,792 अवैध प्रवासियों को देश से निर्वासित किया गया था। कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने आरोप लगाया, “लेकिन नरेन्द्र मोदी के शासनकाल में, 2014 से 2019 के बीच केवल 2,566 लोगों को ही निकाला गया। भाजपा, नरेन्द्र मोदी और अमित शाह सिर्फ चुनावी वादे करते हैं; वे वास्तविकता में कुछ नहीं करते।”
खरगे ने चुनाव जीतने के प्रयास के तहत असम में परिसीमन प्रक्रिया का कथित तौर पर दुरुपयोग करने के लिए भी भाजपा की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि परिसीमन प्रक्रिया के दौरान, मुसलमानों को उन क्षेत्रों से हटा दिया गया, जहां वे बहुसंख्यक थे, जबकि अन्य लोगों को शामिल किया गया।
उन्होंने दावा किया, “जिन क्षेत्रों में दलित और आदिवासी अधिक थे, वहां अन्य वर्गों के लोगों को शामिल किया गया।”
राज्यसभा में विपक्ष के नेता खरगे ने यह भी आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने असम में हजारों एकड़ जमीन एक कॉर्पोरेट घराने को ग्रीनफील्ड परियोजनाओं के नाम पर सौंप दी है। उन्होंने कहा, “भाजपा सरकार आपकी जमीन, जंगल, पानी, खदान और ऊर्जा बेच रही है। इसलिए याद रखें कि देश को बचाने के लिए भाजपा को सत्ता से हटाना जरूरी है।”
खरगे ने आरोप लगाया कि पिछले 10 वर्षों में बराक घाटी की उपेक्षा की गई है और लोगों की समस्याओं को नजरअंदाज किया गया है। उन्होंने कहा, "इंदिरा गांधी जी ने असम के सिलचर को 'शांति का द्वीप' कहा था, लेकिन आज यहां बहुत कुछ गलत हो चुका है। सरकार की विफलता के कारण छात्र, मजदूर और हर वर्ग के लोग परेशान हैं।"
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि असम में हर साल बाढ़ एक आपदा बनकर आती है, जिससे घर तबाह हो जाते हैं, फसलें बर्बाद हो जाती हैं और परिवार बेघर हो जाते हैं। उन्होंने भाजपा सरकार पर इस समस्या का कोई स्थायी समाधान न निकालने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा, "पानी में डूबी सड़कें, टूटी हुई जल निकासी व्यवस्था और भयंकर यातायात जाम सिलचर का विकास नहीं है। भाजपा के लोग वोट के लिए तरह-तरह के वादे करते हैं, लेकिन वास्तविकता में कुछ नहीं करते।"