अमित शाह ने शिलांग में पूर्वोत्तर परिषद की 73वीं पूर्ण बैठक की अध्यक्षता की

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  onikamaheshwari | Date 04-06-2026
Amit Shah chairs 73rd Plenary Meeting of the North Eastern Council in Shillong
Amit Shah chairs 73rd Plenary Meeting of the North Eastern Council in Shillong

 

शिलांग (मेघालय)
 
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को शिलांग में पूर्वोत्तर परिषद की 73वीं पूर्ण बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास (DoNER) के केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, मेघालय के राज्यपाल सी.एच. विजय शंकर, मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड के. संगमा, DoNER के केंद्रीय राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार, केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन और DoNER सचिव संजय जाजू शामिल हुए। अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, त्रिपुरा, मिजोरम, नागालैंड और सिक्किम के राज्यपालों और मुख्यमंत्रियों के साथ-साथ अन्य वरिष्ठ अधिकारियों और गणमान्य व्यक्तियों ने भी इस पूर्ण सत्र में भाग लिया। इससे पहले, ANI से बात करते हुए सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने बैठक के उद्देश्य पर प्रकाश डाला और इसे "अत्यंत महत्वपूर्ण" बताया, क्योंकि इसमें पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए कई परियोजनाओं और योजनाओं पर निर्णय लिया जाएगा।
 
सिक्किम के मुख्यमंत्री ने कहा, "पूर्वोत्तर परिषद का 73वां पूर्ण सत्र होने वाला है। यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक है। इसके माध्यम से इस क्षेत्र के लिए कई परियोजनाओं और योजनाओं पर निर्णय लिया जाता है।" अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने कहा कि पूर्वोत्तर परिषद (NEC) ने पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने आगे कहा कि सभी आठ राज्य 'विकसित 2047' की दिशा में अपने-अपने तरीके से अपनी नियोजन प्रक्रियाओं को मजबूत कर रहे हैं।
 
खांडू ने ANI से कहा, "यहां 73वां पूर्ण सत्र आयोजित किया जा रहा है। गृह मंत्री अमित शाह इसकी अध्यक्षता करेंगे... अपनी स्थापना के बाद से ही पूर्वोत्तर परिषद (NEC) ने पूर्वोत्तर के विकास की यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है... सभी आठ राज्य 'विकसित 2047' की दिशा में अपने-अपने तरीके से अपनी नियोजन प्रक्रियाओं को मजबूत कर रहे हैं। DoNER मंत्रालय और NEC इसमें बहुत बड़ा योगदान दे रहे हैं।" विज्ञप्ति के अनुसार, पूर्वोत्तर परिषद अधिनियम, 1971 के तहत स्थापित पूर्वोत्तर परिषद, पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए सर्वोच्च क्षेत्रीय नियोजन निकाय के रूप में कार्य करती है और इस क्षेत्र में समन्वित विकास को बढ़ावा देने तथा सहकारी संघवाद को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।