आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने शनिवार को समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी के बारे में की गई अमर्यादित टिप्पणी के लिए उन्हें पूरे जाट समाज से माफी मांगनी चाहिए।
इस बीच शनिवार को मामले में उप्र के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर प्रहार करते हुए कहा कि उन्हें केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी से तत्काल माफी मांगनी चाहिए।
मायावती ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि अखिलेश यादव का सार्वजनिक रूप से अपने पूर्व सहयोगी के बारे में यह कहना कि ‘हमने इनको चवन्नी से रुपया बना दिया है’ पूरी तरह अमर्यादित, अशोभनीय और शर्मनाक है।
उन्होंने कहा कि अखिलेश को रालोद और उसके नेता के साथ-साथ पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के परिवार का अपमान करने के लिए पूरे जाट समाज से माफी मांगनी चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि सपा का चाल, चरित्र और चेहरा विरोधी दलों को ही नहीं, बल्कि सहयोगी पार्टियों के प्रति भी संकीर्ण और जातिवादी रहा है। इसका राजनीतिक लाभ अक्सर भाजपा को मिला और धर्मनिरपेक्ष ताकतें कमजोर हुईं।
मायावती ने कहा कि सपा के इसी रवैये के कारण 1993 में बना सपा-बसपा गठबंधन टूट गया और दो जून, 1995 को कुख्यात लखनऊ स्टेट गेस्ट हाउस कांड हुआ।
उन्होंने कहा कि 2019 में लोकसभा चुनाव के लिए अखिलेश यादव के आश्वासन पर बसपा ने फिर गठबंधन किया, लेकिन चुनावी नतीजे अनुकूल न आने के बाद सपा के अहंकारी और स्वार्थी रवैये के कारण वह भी टूट गया।
मायावती ने आरोप लगाया कि सपा गठबंधन का इस्तेमाल करके केवल अपना काम निकालना जानती है और काम निकलने के बाद दूसरी पार्टियों के खिलाफ अनाप-शनाप भाषा का इस्तेमाल करती है।