‘आप’ नेता और विधायक पठानमाजरा ग्वालियर से गिरफ्तार, चार दिन की पुलिस हिरासत में भेजा

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 25-03-2026
AAP leader and MLA Pathanmajra arrested from Gwalior, sent to four-day police custody
AAP leader and MLA Pathanmajra arrested from Gwalior, sent to four-day police custody

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
पंजाब से आम आदमी पार्टी (आप) के नेता एवं विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा को दुष्कर्म के मामले में पुलिस हिरासत से फरार होने के छह महीने बाद मध्य प्रदेश के ग्वालियर से गिरफ्तार कर लिया गया है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।
 
अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि पटियाला के सनौर से पहली बार विधायक निर्वाचित हुए पठानमाजरा को मंगलवार देर रात ग्वालियर शहर के बाहरी इलाके से पकड़ा गया।
 
पटियाला के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) वरुण शर्मा ने बताया कि पठानमाजरा को पटियाला लाया गया है।
 
पुलिस ने कड़ी सुरक्षा के बीच पठानमाजरा को यहां की एक अदालत में पेश किया गया, जिसने उसे चार दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया।
 
पुलिस ने दुष्कर्म, धोखाधड़ी और आपराधिक धमकी देने के आरोप में पठानमाजरा के खिलाफ यहां सिविल लाइंस थाने में एक सितंबर 2025 को मामला दर्ज किया था।
 
यह मामला जीरकपुर की एक महिला की शिकायत पर दर्ज किया गया था जिसने आरोप लगाया था कि विधायक ने खुद को तलाकशुदा बताकर उसके साथ संबंध बनाए और पहले से विवाहित होने के बावजूद 2021 में उससे शादी की।
 
महिला ने विधायक पर उसका लगातार यौन शोषण करने, उसे धमकाने और ‘‘अश्लील’’ सामग्री भेजने का आरोप लगाया है।
 
पटियाला के एसएसपी ने यहां संवाददाताओं को बताया कि पठानमाजरा को पुलिस की एक टीम ने पकड़ा। उन्होंने बताया कि विधायक को गिरफ्तार करने वाली टीम में पुलिस अधीक्षक वैभव चौधरी, एसबी गुरबंस बैंस और अन्य पुलिस अधिकारी शामिल थे।
 
उन्होंने बताया कि पुलिस ने तकनीकी निगरानी और मुखबीरों की मदद से पठानमाजरा को गिरफ्तार किया।
 
‘आप’ विधायक को इस मामले में पेश नहीं होने पर भगोड़ा घोषित कर दिया गया था। पटियाला पुलिस ने पठानमाजरा के खिलाफ ‘लुक-आउट नोटिस’ भी जारी किया था।
 
पठानमाजरा बलात्कार के मामले में पिछले साल दो सितंबर से फरार थे। पंजाब पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने के लिए जब हरियाणा के करनाल गई थी, तब वह भाग निकले थे।
 
पुलिस ने तब दावा किया था कि वह करनाल जिले के डाबरी गांव में अपने एक रिश्तेदार के घर पर थे और जब पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने पहुंची तो विधायक के समर्थकों ने पुलिसकर्मियों पर गोलीबारी की थी और पथराव किया था।
 
हालांकि, पठानमाजरा ने पुलिस पर गोलीबारी में शामिल होने के दावों का खंडन करते हुए कहा था कि वह यह पता लगने के बाद भाग गए थे कि उन्हें ‘‘फर्जी मुठभेड़’’ में मार दिया जाएगा।
 
फरार होने के बाद पठानमाजरा पिछले साल नवंबर में ऑस्ट्रेलिया स्थित एक पंजाबी वेब चैनल को दिए गए वीडियो साक्षात्कार में सामने आए थे जिसमें उन्होंने दावा किया था कि वह ‘‘जमानत मिलने के बाद ही घर लौटेंगे।’’
 
उन्होंने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों से इनकार करते हुए इस मामले को ऐसी ‘‘राजनीतिक साजिश’’ करार दिया था जिसका मकसद पंजाब के लोगों की आवाज उठाने वालों को चुप कराना है।