श्रीनगर
जम्मू-कश्मीर के कई वन क्षेत्रों में इन दिनों आग की घटनाओं ने चिंता बढ़ा दी है। उत्तरी कश्मीर के बांदीपोरा जिले में पिछले कई दिनों से जंगलों में लगी आग अभी पूरी तरह नियंत्रित नहीं हो पाई थी कि अब श्रीनगर के पास Zabarwan Range के जंगलों में भी भीषण आग लगने की खबर सामने आई है। अधिकारियों के अनुसार इस आग ने पहाड़ी वन क्षेत्र के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया है और पूरे इलाके में घना धुआं फैल गया है।
जानकारी के मुताबिक बांदीपोरा जिले के अरिन और चंदाजी वन क्षेत्रों में पिछले कई दिनों से आग लगी हुई है। इन जंगलों में लगी आग लगातार फैलती जा रही है और दमकल विभाग तथा वन विभाग की टीमें इसे काबू में करने की कोशिश कर रही हैं। इसी बीच बुधवार को श्रीनगर के पास Dachigam National Park की ओर स्थित ज़बरवन जंगल पट्टी में भी आग भड़क उठी। पहाड़ी ढलानों पर फैली इस आग से आसपास के क्षेत्रों में धुएं की मोटी परत छा गई, जिससे स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल बन गया।
वन अधिकारियों का कहना है कि आग तेज़ हवाओं और सूखी झाड़ियों के कारण तेजी से फैल रही है। दमकल कर्मियों और वन विभाग की संयुक्त टीमें मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का प्रयास कर रही हैं ताकि इसे और फैलने से रोका जा सके।
इस बीच जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले में भी आग की एक अलग घटना सामने आई है। अधिकारियों के अनुसार 1 मार्च की रात ऊपरी सनासर इलाके में एक मौसमी मिट्टी का घर, जिसे स्थानीय भाषा में ‘ढोक’ कहा जाता है, संदिग्ध परिस्थितियों में जलकर पूरी तरह नष्ट हो गया। यह झोपड़ी कासिम दीन नामक व्यक्ति की थी, जो उधमपुर जिले के कैमेल डांगा इलाके का निवासी बताया जाता है।
अधिकारियों ने बताया कि घटना के समय झोपड़ी के अंदर कोई मौजूद नहीं था। कासिम दीन सर्दियों की शुरुआत से पहले ही अपने परिवार के साथ उधमपुर चला गया था। गर्मियों के मौसम में जब घुमंतू परिवार अपने मवेशियों के साथ ऊंचे घास के मैदानों में लौटते हैं, तब वे ऐसी झोपड़ियों में रहकर अक्टूबर तक वहीं निवास करते हैं।
घटना की जानकारी मिलने के बाद रामबन के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक Arun Gupta मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थानीय लोगों और अधिकारियों से बातचीत कर स्थिति का जायजा लिया। एसएसपी अरुण गुप्ता ने बताया कि कासिम नामक व्यक्ति की मौसमी झोपड़ी संदिग्ध परिस्थितियों में जल गई है और मामले की जांच के लिए जिला फोरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया है।
इससे पहले फरवरी महीने में भी बांदीपोरा के मुख्य बाजार में एक बड़ी आग लगने की घटना हुई थी। उस समय बाजार के कई हिस्सों में घना धुआं फैल गया था और इलाके में अफरा-तफरी मच गई थी। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंची थीं और आग को फैलने से रोकने के लिए घंटों तक राहत कार्य चलाया गया था।
फिलहाल अधिकारियों का कहना है कि जंगलों में लगी आग को नियंत्रित करने के प्रयास जारी हैं। हालांकि सूखे मौसम और तेज़ हवाओं के कारण आग बुझाने का काम चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे जंगलों के पास किसी भी तरह की लापरवाही से बचें ताकि आग जैसी घटनाओं को रोका जा सके।





