गोरखपुर।
देशभर में होली का उत्सव पूरे उत्साह और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने कहा कि जब दुनिया के कई हिस्सों में अस्थिरता और अशांति का माहौल है, तब भारत में लोग खुशी और उत्साह के साथ त्योहार मना रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह देश के मजबूत नेतृत्व और सामाजिक समरसता का प्रतीक है।
गोरखपुर में भगवान नरसिंह शोभा यात्रा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज विश्व के कई देशों में अव्यवस्था और तनाव का माहौल है, लेकिन भारत में लोग बिना किसी डर के त्योहार मना रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में देश में स्थिरता और विश्वास का माहौल बना हुआ है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की पहचान सत्य और न्याय की भावना से होती है। उन्होंने कहा कि यदि कहीं भ्रष्टाचार या अराजकता दिखाई देती है तो उसे खत्म करना जरूरी है। साथ ही आतंकवाद और कट्टरवाद जैसी चुनौतियों का भी कड़े तरीके से सामना करना होगा।
इस मौके पर उन्होंने Rashtriya Swayamsevak Sangh की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ दुनिया का सबसे बड़ा सांस्कृतिक संगठन है और इसके लाखों स्वयंसेवकों ने देश की एकता और सनातन परंपराओं को मजबूत करने के लिए अपना जीवन समर्पित किया है। उन्होंने बताया कि संघ की स्थापना के सौ वर्ष पूरे होने के अवसर पर कई कार्यक्रम और यात्राएं आयोजित की जाएंगी।
इस बीच कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने भी देशवासियों को होली की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि होली प्रेम, सौहार्द और खुशियों का त्योहार है। यह ऐसा पर्व है जो लोगों को गले मिलकर आपसी भाईचारे को मजबूत करने का संदेश देता है। उन्होंने कामना की कि यह त्योहार सभी नागरिकों के जीवन में सुख और समृद्धि लाए।
रक्षा मंत्री Rajnath Singh ने भी अपने आवास पर होली का उत्सव मनाया। इस दौरान उन्होंने ढोल बजाकर और लोगों को गुलाल लगाकर त्योहार की खुशियां साझा कीं। उन्होंने देशवासियों को होली की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि दुनिया में शांति और सद्भाव बना रहे, यही उनकी कामना है।
दिल्ली की मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने भी अपने आवास पर होली मनाई और लोगों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह त्योहार राजधानी के लोगों के जीवन में नई ऊर्जा और विकास की उम्मीद लेकर आए।
होली का त्योहार भारतीय परंपरा में बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। इसकी शुरुआत होलिका दहन से होती है। अगले दिन लोग रंगों के साथ एक दूसरे को शुभकामनाएं देते हुए यह पर्व मनाते हैं। पश्चिम भारत के कई हिस्सों में मंगलवार से ही उत्सव शुरू हो गया था, जबकि उत्तर भारत में मुख्य समारोह आज मनाया जा रहा है।





