रामबन (जम्मू कश्मीर)।
पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच ईरान में रह रहे भारतीय छात्रों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है। कई परिवार अपने बच्चों की सुरक्षित वापसी का इंतजार कर रहे हैं। इसी बीच जम्मू कश्मीर के रामबन जिले के एक युवक ने भारत सरकार और प्रधानमंत्री Narendra Modi से अपील की है कि ईरान में पढ़ाई कर रहे उसके भाई को जल्द से जल्द भारत वापस लाया जाए।
रामबन निवासी आकिल अली के भाई ने समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में बताया कि उनका भाई पिछले पांच वर्षों से ईरान में पढ़ाई कर रहा है। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात को देखते हुए परिवार काफी चिंतित है और चाहता है कि सरकार जल्द कदम उठाए।
उन्होंने कहा कि उनका भाई एक साल से घर नहीं आया है और अब ईरान, इज़रायल और अमेरिका के बीच बढ़ते संघर्ष के कारण परिवार की चिंता और बढ़ गई है। उन्होंने प्रधानमंत्री से अपील करते हुए कहा कि ईरान में मौजूद सभी भारतीयों को सुरक्षित वापस लाने के लिए सरकार जल्द कदम उठाए।
हाल के दिनों में पश्चिम एशिया में तनाव तेजी से बढ़ा है। ईरान में कई अहम ठिकानों पर हमले हुए हैं और पूरे क्षेत्र में बड़े टकराव की आशंका जताई जा रही है। इस स्थिति ने वहां पढ़ाई कर रहे विदेशी छात्रों, खासकर भारतीय छात्रों के बीच चिंता पैदा कर दी है। ईरान के विभिन्न विश्वविद्यालयों में हजारों भारतीय छात्र चिकित्सा और अन्य पेशेवर पाठ्यक्रमों की पढ़ाई कर रहे हैं।
इस बीच All India Medical Students Association ने बताया कि सुरक्षा के मद्देनजर भारतीय छात्रों को राजधानी तेहरान से हटाकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। छात्रों को एहतियात के तौर पर क़ोम शहर में स्थानांतरित किया गया है और सभी छात्र फिलहाल सुरक्षित बताए जा रहे हैं।
संस्था ने कहा कि मौजूदा हालात के कारण ईरान का हवाई क्षेत्र बंद है, जिससे तत्काल हवाई निकासी संभव नहीं हो पा रही है। हालांकि भारतीय दूतावास लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय प्रशासन से संपर्क में है।
संघ ने अभिभावकों और परिजनों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और धैर्य बनाए रखें। संस्था ने कहा कि संबंधित अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा गया है ताकि ईरान में मौजूद हर भारतीय छात्र की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
इससे पहले तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने भी छात्रों को सलाह जारी की थी कि वे सुरक्षा के लिहाज से निर्धारित सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं और स्थानीय प्रशासन तथा दूतावास के निर्देशों का पालन करें। फिलहाल परिवारों को उम्मीद है कि हालात सामान्य होते ही सरकार छात्रों की सुरक्षित वापसी की व्यवस्था करेगी।





