नई दिल्ली
चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (CPC) के एक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के महासचिव दत्तात्रेय होसबाले से मुलाकात की। सूत्रों के अनुसार, यह बैठक सुबह 11 बजे होसबाले के कार्यालय में हुई और लगभग एक घंटे तक चली। बैठक को शिष्टाचार भेंट का रूप दिया गया और इसे चीन की ओर से अनुरोध किया गया था।
मुलाकात के दौरान दोनों पक्षों ने अंतर-दलीय संवाद और सहयोग को बढ़ावा देने पर चर्चा की। यह प्रतिनिधिमंडल चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के विदेश विभाग की उप मंत्री सुन हैयान के नेतृत्व में आया था। सूत्रों ने बताया कि बैठक का मकसद भारत और चीन के विभिन्न संगठनों के बीच संवाद और संपर्क को मजबूत करना था।
इससे पहले सोमवार को इसी प्रतिनिधिमंडल ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) मुख्यालय का दौरा किया था। उस बैठक में भाजपा की ओर से प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने किया था। बैठक में दोनों पक्षों ने भारत और चीन के बीच राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ाने के अवसरों पर विस्तार से विचार किया।
सोमवार को भाजपा मुख्यालय में आयोजित बैठक में भारत में चीन के राजदूत जू फीहोंग भी मौजूद थे। उनका उद्देश्य भारत में चीनी संस्थानों और राजनीतिक संगठनों के बीच सहयोग को प्रोत्साहित करना और संवाद को मजबूत करना बताया गया।
आरएसएस के महासचिव होसबाले के साथ हुई इस बैठक को औपचारिक शिष्टाचार भेंट के रूप में देखा जा रहा है, लेकिन विशेषज्ञ इसे दोनों देशों के बीच राजनीतिक और सामाजिक संवाद के बढ़ते आयाम के रूप में भी देख रहे हैं। आरएसएस और भाजपा जैसे संगठनों के नेताओं से मुलाकात करना चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के प्रतिनिधिमंडल के लिए दोनों देशों में विश्वास और सहयोग को मजबूत करने का अवसर माना जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, बैठक में चीन के प्रतिनिधिमंडल ने आरएसएस के कामकाज और संगठन संरचना के बारे में जानकारी प्राप्त की और भारतीय पक्ष ने भी अपने दृष्टिकोण और कार्य प्रणाली साझा की। बैठक के दौरान सांस्कृतिक और सामुदायिक कार्यक्रमों में सहयोग के अवसरों पर भी चर्चा की गई।
इस प्रकार, चीन की कम्युनिस्ट पार्टी और आरएसएस के बीच हुई यह शिष्टाचार मुलाकात दोनों पक्षों के बीच संवाद के नए मार्ग खोलने और भविष्य में सहयोग को बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।






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