आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हुई बढ़ोतरी को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का "उपहार" करार देते हुए कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार ने शुक्रवार को कहा कि देश "चिंताजनक स्थिति" में पहुंच गया है।
उपमुख्यमंत्री ने ईंधन बचाने और सोने की खरीदारी टालने सहित समझदारी से खर्च करने के प्रधानमंत्री के आह्वान की भी आलोचना की।
पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और खुदरा ईंधन विक्रेताओं के बढ़ते नुकसान के बीच शुक्रवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तीन-तीन रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई।
पिछले चार से अधिक वर्षों में दरों में यह पहली बढ़ोतरी है जो असम, केरल, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव संपन्न होने के 16 दिन बाद हुई है।
शिवकुमार ने यहां संवाददाताओं से कहा, "पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी मोदी का उपहार है। वह अंतरराष्ट्रीय संबंधों में विफल रहे हैं। उन्होंने पड़ोस में किसी के भी साथ अच्छे संबंध नहीं बनाए रखे हैं। अब वह देश के लोगों से पेट्रोल का उपयोग सीमित करने, सोना न खरीदने और खाद्य तेल की खपत कम करने के लिए कह रहे हैं। इसे कैसे रोका या सीमित किया जा सकता है?"
उन्होंने कहा, "ऐसा नहीं किया जा सकता। देश एक अत्यंत चिंताजनक स्थिति में आ गया है। हमें इस देश को बचाना और सुरक्षित रखना है।"
शिवकुमार ने कहा कि लोग कमाते हैं और उसी के अनुसार अपना जीवन जीते हैं।
उपमुख्यमंत्री ने कहा, "किसी को नियंत्रित नहीं किया जा सकता। यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि लोग अपने पास मौजूद संसाधनों के साथ सुचारू रूप से जीवन जी सकें।"
प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए ईंधन के विवेकपूर्ण उपयोग, सोने की खरीद और विदेश यात्रा को टालने जैसे उपाय करने का आह्वान किया था।