आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
समुद्री क्रूज यात्राओं को आम तौर पर आरामदायक और विलासितापूर्ण छुट्टियों के रूप में प्रचारित किया जाता है, लेकिन सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों के लिए ये जहाज यह समझने का भी महत्वपूर्ण माध्यम हैं कि संक्रामक बीमारियां किस तरह तेजी से फैल सकती हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, क्रूज जहाज अस्थायी तैरते शहरों की तरह होते हैं, जहां हजारों लोग कई दिन तक एक ही जगह पर रहते, खाते, घूमते और मनोरंजन करते हैं। रेस्तरां, थिएटर, लिफ्ट, केबिन, रसोईघर, जल प्रणाली और बंद सामुदायिक स्थान संक्रमण के प्रसार को आसान बना देते हैं।
एक बार कोई संक्रमण जहाज पर पहुंच जाए तो उसे रोकना बेहद कठिन हो सकता है।
‘डायमंड प्रिंसेस’ जहाज से कोविड 19 का प्रसार इसका सबसे चर्चित उदाहरण माना जाता है। वर्ष 2020 में कोविड-19 महामारी के दौरान ‘डायमंड प्रिंसेस’ जहाज पर 619 यात्री और चालक दल के सदस्य संक्रमित पाए गए थे।
शोधकर्ताओं ने निष्कर्ष निकाला कि जहाज की परिस्थितियों ने कोरोना वायरस के प्रसार को तेज किया। हालांकि पृथकवास और अलगाव जैसे कदमों से संक्रमण को कुछ हद तक नियंत्रित किया गया, लेकिन अध्ययन में यह भी कहा गया कि यदि शुरुआती प्रतिक्रिया और तेज होती तो मामलों की संख्या और कम हो सकती थी।
विशेषज्ञों के अनुसार, क्रूज जहाजों से सबसे अधिक जुड़ी बीमारी नॉरोवायरस है, जिसे आम बोलचाल में ‘‘वोमिटिंग बग’’ भी कहा जाता है। पूर्व में प्रकाशित अध्ययनों की समीक्षा में शोधकर्ताओं को क्रूज जहाजों पर नॉरोवायरस संक्रमण के 127 मामले मिले। इनमें से कई मामले दूषित भोजन, संक्रमित सतहों और व्यक्ति से व्यक्ति में संक्रमण फैलने से जुड़े थे।
अमेरिका से प्राप्त हालिया एक रिपोर्ट के अनुसार भी नॉरोवायरस जहाजों पर बहुत तेजी से फैल सकता है। यही कारण है कि ‘सेलेब्रिटी मर्करी’, ‘एक्सप्लोरर ऑफ द सीज’ और ‘कार्निवल ट्रायम्फ’ जैसे जहाज बीमारी फैलने की घटनाओं के संदर्भ में चर्चित रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि जहाजों पर भोजन व्यवस्था संक्रमण फैलाने में बड़ी भूमिका निभाती है। बुफे शैली में भोजन परोसना, साझा बर्तनों का इस्तेमाल और बड़ी संख्या में लोगों का एक ही सतह को छूना पेट संबंधी संक्रमणों के प्रसार को आसान बना देता है।