अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड से बढ़ रहा हृदय रोग खतरा

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 12-05-2026
Ultra-processed foods are increasing the risk of heart disease.
Ultra-processed foods are increasing the risk of heart disease.

 

वॉशिंगटन

आधुनिक जीवनशैली में तेजी से बढ़ रहे अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड (UPF) अब लोगों की सेहत के लिए गंभीर खतरा बनते जा रहे हैं। एक नई यूरोपीय रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि जो लोग अत्यधिक मात्रा में अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड का सेवन करते हैं, उनमें हृदय रोग, अनियमित धड़कन, मोटापा, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और हृदय संबंधी मौतों का खतरा काफी बढ़ जाता है।

यूरोपियन हार्ट जर्नल में प्रकाशित इस रिपोर्ट में दुनिया भर में उपलब्ध शोधों का विश्लेषण किया गया है। शोधकर्ताओं का कहना है कि औद्योगिक तरीके से तैयार किए गए ये खाद्य पदार्थ अक्सर अत्यधिक चीनी, नमक, अस्वस्थ वसा और कृत्रिम तत्वों से भरपूर होते हैं। यही कारण है कि ये शरीर के मेटाबॉलिज्म को प्रभावित करते हैं, सूजन बढ़ाते हैं और जरूरत से ज्यादा खाने की प्रवृत्ति पैदा करते हैं।

रिपोर्ट के अनुसार जो लोग सबसे ज्यादा अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड खाते हैं, उनमें हृदय रोग का खतरा 19 प्रतिशत तक बढ़ सकता है। वहीं एट्रियल फिब्रिलेशन यानी दिल की अनियमित धड़कन का खतरा 13 प्रतिशत तक अधिक पाया गया। इसके अलावा हृदय रोगों से मृत्यु का जोखिम 65 प्रतिशत तक बढ़ने की आशंका जताई गई है।

विशेषज्ञों ने कहा कि अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड केवल मोटापे तक सीमित समस्या नहीं है, बल्कि यह टाइप-2 डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और रक्त में अस्वस्थ वसा के जमाव को भी बढ़ावा देता है। यही कारण है कि अब डॉक्टरों को मरीजों से उनके खानपान में UPF की मात्रा के बारे में विशेष रूप से पूछने की सलाह दी जा रही है।

यह रिपोर्ट European Society of Cardiology और European Association of Preventive Cardiology के विशेषज्ञों द्वारा तैयार की गई है। इसमें इटली के कई प्रमुख शोधकर्ताओं ने हिस्सा लिया। विशेषज्ञों का मानना है कि अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड पारंपरिक और प्राकृतिक भोजन की जगह तेजी से ले रहे हैं, जिससे स्वास्थ्य पर दीर्घकालिक प्रभाव पड़ रहा है।

रिपोर्ट में बताया गया कि यूरोप के कई देशों में UPF का सेवन लगातार बढ़ रहा है। नीदरलैंड में कुल कैलोरी का 61 प्रतिशत और ब्रिटेन में 54 प्रतिशत हिस्सा अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड से आता है। इसके मुकाबले स्पेन, पुर्तगाल और इटली जैसे देशों में यह प्रतिशत काफी कम है।

विशेषज्ञों ने सरकारों से मांग की है कि खाद्य पदार्थों की लेबलिंग अधिक स्पष्ट बनाई जाए और लोगों में जागरूकता फैलाने के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। डॉक्टरों को भी सलाह दी गई है कि वे मरीजों को व्यायाम, धूम्रपान और शराब से बचने की सलाह के साथ-साथ UPF कम करने के लिए प्रेरित करें।

शोधकर्ताओं का कहना है कि “हेल्दी” बताकर बेचे जाने वाले कई उत्पाद भी वास्तव में अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड की श्रेणी में आते हैं। इसलिए लोगों को पैकेज्ड और अत्यधिक प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों की बजाय ताजे और कम प्रोसेस्ड भोजन को प्राथमिकता देनी चाहिए।