मेडिकल टूरिज़्म में भारत की नई छलांग, पांच रीजनल मेडिकल हब स्थापित करेगी सरकार

Story by  एटीवी | Published by  [email protected] | Date 01-02-2026
India takes a new leap in medical tourism; the government will establish five regional medical hubs.
India takes a new leap in medical tourism; the government will establish five regional medical hubs.

 

नई दिल्ली

केंद्र सरकार ने भारत को मेडिकल वैल्यू टूरिज़्म (MVT) का वैश्विक केंद्र बनाने की दिशा में एक बड़ा और दूरदर्शी कदम उठाया है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए घोषणा की कि देश में पांच रीजनल मेडिकल हब स्थापित किए जाएंगे। इनका उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं, आयुष प्रणाली, शोध और चिकित्सा पर्यटन को एकीकृत कर भारत की वैश्विक पहचान को और मज़बूत करना है।

आयुष मंत्रालय की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, ये मेडिकल हब राज्यों और निजी क्षेत्र की साझेदारी से विकसित किए जाएंगे। यह हब एकीकृत हेल्थकेयर कॉम्प्लेक्स के रूप में काम करेंगे, जहां आधुनिक चिकित्सा सेवाएं, शिक्षा और अनुसंधान सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध होंगी। सरकार का मानना है कि इससे भारत घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मरीजों के लिए एक भरोसेमंद और आकर्षक चिकित्सा गंतव्य बन सकेगा।

इन प्रस्तावित मेडिकल हब में आयुष केंद्र, मेडिकल वैल्यू टूरिज़्म फैसिलिटेशन सेंटर, उन्नत डायग्नोस्टिक सुविधाएं, पोस्ट-ट्रीटमेंट केयर और रिहैबिलिटेशन इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल होंगे। इसका मकसद सिर्फ़ इलाज उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि मरीजों को संपूर्ण और समग्र स्वास्थ्य अनुभव देना है। इससे विदेशी मरीजों के साथ-साथ देश के भीतर इलाज के लिए आने वाले लोगों को भी बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।

सरकार के अनुसार, इन मेडिकल हब्स से डॉक्टरों, नर्सों, आयुष विशेषज्ञों और एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल्स (AHPs) के लिए बड़े पैमाने पर रोज़गार के अवसर पैदा होंगे। साथ ही हेल्थकेयर सेक्टर में कौशल विकास और शोध को भी नई गति मिलेगी।

बजट भाषण में वित्त मंत्री ने भारत की पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों की वैश्विक स्वीकार्यता का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा योग को संयुक्त राष्ट्र तक ले जाने के बाद इसे अंतरराष्ट्रीय मान्यता मिली, जबकि कोविड के बाद आयुर्वेद और अन्य आयुष प्रणालियों की वैश्विक मांग में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। आयुष उत्पादों की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय मांग से औषधीय पौधों की खेती करने वाले किसानों और प्रोसेसिंग व वैल्यू एडिशन से जुड़े युवाओं को भी सीधा लाभ मिल रहा है।

आयुष सेक्टर को और सशक्त बनाने के लिए बजट 2026-27 में कई अहम पहलें प्रस्तावित की गई हैं। इनमें तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थानों की स्थापना शामिल है, जिससे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, क्लिनिकल केयर और शोध को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा आयुष फार्मेसियों और ड्रग टेस्टिंग लैब्स के उन्नयन का प्रस्ताव है, ताकि गुणवत्ता, प्रमाणन और कुशल मानव संसाधन सुनिश्चित किए जा सकें।

एक और महत्वपूर्ण घोषणा के तहत जामनगर स्थित WHO ग्लोबल ट्रेडिशनल मेडिसिन सेंटर को अपग्रेड किया जाएगा। इससे पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों में साक्ष्य-आधारित शोध, प्रशिक्षण और वैश्विक जागरूकता को मज़बूती मिलेगी।

कुल मिलाकर, बजट 2026-27 में घोषित ये पहलें इस बात का संकेत हैं कि सरकार पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक स्वास्थ्य ढांचे के समन्वय को प्राथमिकता दे रही है। इससे न केवल भारत की सॉफ्ट पावर को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि देश को समग्र, सुरक्षित और विश्वसनीय वैश्विक स्वास्थ्य गंतव्य के रूप में स्थापित करने में भी मदद मिलेगी।